RANCHI : झारखंड में गर्भवती और धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन को लेकर गतिविधियां तेज कर दी गई हैं. वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार ने 1,94,628 लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है. योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए राज्य, जिला और प्रखंड स्तर पर आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.
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क्या है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केंद्र सरकार की ऐसी योजना है, जिसके तहत पात्र गर्भवती और धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है. इसका उद्देश्य गर्भावस्था और प्रसव के दौरान महिलाओं को आंशिक आर्थिक मदद देना और उन्हें जरूरी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रोत्साहित करना है. योजना के तहत पात्रता और निर्धारित शर्तें पूरी करने वाली महिलाओं को राशि DBT के माध्यम से उनके बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाती है.
पहली संतान पर मिलते हैं ₹5 हजार
PMMVY 2.0 के तहत पात्र महिला को पहली जीवित संतान के लिए कुल 5,000 रुपये की सहायता दी जाती है. पहली किस्त के लिए गर्भावस्था का पंजीकरण और निर्धारित समय में कम से कम एक प्रसवपूर्व जांच जैसी शर्तें पूरी करनी होती हैं. वहीं दूसरी किस्त के लिए बच्चे का जन्म पंजीकरण और निर्धारित शुरुआती टीकाकरण पूरा होना जरूरी है.
दूसरी संतान बेटी है तो ₹6 हजार का लाभ
अगर दूसरी संतान बेटी है, तो पात्र महिला को एकमुश्त ₹6,000 की आर्थिक सहायता मिलने का प्रावधान है. इसके लिए गर्भावस्था का पंजीकरण, कम से कम दो प्रसवपूर्व जांच, बच्चे का जन्म पंजीकरण और निर्धारित अवधि तक जरूरी टीकाकरण जैसी शर्तें पूरी करनी होती हैं.
किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ?
PMMVY का लाभ सभी महिलाओं को स्वतः इसके लिए सरकार की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है पात्रता की श्रेणियों में SC/ST वर्ग की महिलाएं, दिव्यांग महिलाएं, BPL राशन कार्ड धारक, ई-श्रम कार्ड धारक, मनरेगा जॉब कार्ड धारक और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थी शामिल हैं. इसके अलावा PM-KISAN लाभार्थी महिला किसान, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड रखने वाली महिलाएं, परिवार की सालाना शुद्ध आय 8 लाख रुपये से कम वाली महिलाएं तथा पात्र आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और आशा कार्यकर्ता भी योजना के तहत लाभ ले सकती हैं.
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत?
योजना में आवेदन के लिए सामान्य तौर पर इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है: आधार नंबर, आधार से जुड़ा बैंक या डाकघर खाता, मोबाइल नंबर, MCP/RCHI कार्ड, पात्रता से संबंधित दस्तावेज, गर्भावस्था और प्रसवपूर्व जांच से जुड़ी जानकारी, बच्चे का जन्म प्रमाणपत्रटीकाकरण से संबंधित विवरण.
आंगनबाड़ी सेविका या आशा कार्यकर्ता की ले सकती हैं मदद
पात्र महिला PMMVY के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती है. इसके अलावा नजदीकी आंगनबाड़ी सेविका या आशा कार्यकर्ता की मदद से भी आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. आवेदन के बाद संबंधित स्तर पर सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने पर योजना की राशि DBT के जरिए लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है.
पति का आधार अनिवार्य नहीं
PMMVY 2.0 में लाभ लेने के लिए पति का आधार अनिवार्य नहीं है. आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया लाभार्थी महिला के आधार के आधार पर की जाती है.
झारखंड में 1,94,628 लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य
झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,94,628 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए राज्य से लेकर जिला और प्रखंड स्तर तक सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सके.
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