RANCHI : आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस मामले को लेकर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने निशा भगत को आदिवासी समाज, आदिवासी बेटियों और उनकी जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाली निडर नेत्री बताया. साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की मांग की है.
आदिवासी बेटियों और जमीन के लिए लड़ती रहीं निशा भगत
गिरिराज सिंह ने अपने बयान में कहा कि निशा भगत पूरी जिंदगी आदिवासी धर्म, आदिवासी बेटियों और आदिवासियों की जमीन बचाने के लिए संघर्ष करती रहीं. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सरकार की ओर से पर्याप्त संरक्षण नहीं मिला. केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि सरकार के संरक्षण में कथित तौर पर फल-फूल रहे असामाजिक तत्वों के कारण निशा भगत को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा.
CBI जांच नहीं हुई तो अपराधियों को संरक्षण देने के सवाल उठेंगे
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि निशा भगत की मौत के मामले को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए CBI को सौंपा जाए. उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में न्याय सुनिश्चित करना चाहती है, तो मामले की जांच CBI से करानी चाहिए. गिरिराज सिंह ने अपने बयान में यहां तक कहा कि अगर सरकार CBI जांच की सिफारिश नहीं करती है, तो इससे अपराधियों को संरक्षण देने को लेकर मुख्यमंत्री पर सवाल उठेंगे.
निशा भगत की मौत के बाद उठ रहे कई सवाल
निशा भगत की मौत के बाद से ही झारखंड में विरोध और न्याय की मांग तेज हो गई है. उनके समर्थक मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. वहीं, केंद्रीय मंत्री के इस बयान ने मामले को राजनीतिक रूप से भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या हेमंत सोरेन सरकार इस मामले में CBI जांच की मांग पर कोई फैसला लेगी? फिलहाल, पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने आने का इंतजार है.
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