RANCHI/BOKARO : फुसरो के सेंट्रल कॉलोनी फुटबॉल मैदान में आयोजित डांडिया उत्सव उस वक्त अखाड़े और शर्मिंदगी का केंद्र बन गया, जब एक मनबढ़ युवक ने सरेआम एक युवती पर हाथ उठा दिया और उसे दनादन 2-3 थप्पड़ जड़ दिए. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलते ही पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया और पुलिस-प्रशासन की नींद उड़ गई.

थाने पहुंचते ही एक्शन, आरोपी नीरज कुमार गिरफ्तार
युवती के परिजनों ने इस घिनौनी हरकत के खिलाफ बिना देर किए गुरुवार को चंद्रपुरा थाने में छेड़खानी और मारपीट की लिखित शिकायत दी. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मकोली निवासी आरोपी नीरज कुमार को धर दबोचा. चंद्रपुरा थाना प्रभारी श्रीनिवास कुमार ने स्पष्ट किया कि आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे सीधे तेनुघाट जेल भेजने की तैयारी पूरी है.

भीड़ जुटाने का राजनीतिक तमाशा, पर महिलाओं की सुरक्षा शून्य
सवाल सिर्फ थप्पड़ मारने वाले लफंगे पर नहीं, बल्कि आयोजन की बागडोर संभालने वालों पर भी उठ रहे हैं. फुसरो नगर परिषद के वार्ड पार्षद विनोद चौहान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में डुमरी विधायक जयराम महतो समेत कई रसूखदार चेहरे मंच की शोभा बढ़ा रहे थे. नेताओं की आवभगत और राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के लिए भीड़ तो जमा कर ली गई, लेकिन उस भीड़ में मौजूद मां-बहनों और बेटियों की हिफाजत के नाम पर नतीजा शून्य रहा. न मौके पर महिला सुरक्षाकर्मी तैनात थीं, न कोई पुख्ता बैरिकेडिंग और न ही भीड़ को संभालने का कोई ठोस तंत्र.

अगर कोई अनहोनी होती तो जिम्मेदार कौन?
जिला उपायुक्त के स्पष्ट निर्देश हैं कि बिना प्रशासनिक अनुमति और तय सुरक्षा मानकों के कोई भी सार्वजनिक आयोजन नहीं होगा. इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर यह हुड़दंग सजाया गया. जब सरेआम एक युवती के साथ छेड़खानी और मारपीट हो सकती है, तो समझा जा सकता है कि व्यवस्था कितनी लाचार थी. अगर भगदड़ मचती या कोई और बड़ी वारदात हो जाती, तो क्या नेता और आयोजक पल्ला झाड़कर निकल जाते?
युवती पर हाथ उठाने वाला आरोपी नीरज सलाखों के पीछे पहुंच चुका है, लेकिन जनता अब यह पूछ रही है कि बिना अनुमति और बिना सुरक्षा के बेटियों को खतरे में झोंकने वाले आयोजकों पर कानूनी डंडा कब चलेगा?
