RANCHI : झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा संघ (JHASA) की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को संघ की अध्यक्ष रंजीता हेम्ब्रम की अध्यक्षता में हुई. बैठक में हजारीबाग सदर अंचल के अंचल अधिकारी-सह-खास महाल पदाधिकारी आशुतोष के साथ 18 सितंबर को कथित दुर्व्यवहार की घटना पर गंभीर चिंता जताई गई. संघ ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए पूर्व मंत्री एवं बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र साव के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है.
संघ के अनुसार, 18 सितंबर को अनुमंडल पदाधिकारी हजारीबाग के निर्देश पर मौजा कैंटोनमेंट स्थित खास महाल की सरकारी जमीन पर हो रहे कथित अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी. इसी दौरान योगेंद्र साव द्वारा सरकारी कार्य में बाधा डालने और ड्यूटी पर तैनात अंचल अधिकारी के साथ कथित तौर पर अभद्र, आपत्तिजनक और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया गया.
कार्रवाई नहीं होने पर कार्य बहिष्कार और आंदोलन की चेतावनी
JHASA ने कहा कि घटना को लेकर संबंधित थाना में 18 सितंबर को ही प्राथमिकी दर्ज करने और आगे की कार्रवाई के लिए आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन संघ के मुताबिक अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है.
संघ ने मांग की है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और प्रशासनिक पदाधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही संघ ने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया है.
JHASA का कहना है कि कार्रवाई अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर की गई थी. इसके बावजूद अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त स्तर से मामले में अब तक अपेक्षित हस्तक्षेप नहीं होने को संघ ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासनिक अधिकारियों को सरकारी कार्य के दौरान आवश्यक संरक्षण और समर्थन नहीं मिलता है, तो संघ कार्य बहिष्कार और चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपना सकता है. संघ ने कहा कि वह अपने पदाधिकारियों के सम्मान और मनोबल की रक्षा के लिए संस्थागत और कानूनी सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
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