RANCHI : भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले क्रिकेट मैच का टिकट खरीदने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा सावधान हो जाइए. सोशल मीडिया पर सस्ते टिकट और तुरंत बुकिंग के नाम पर लोगों को ठगने का खेल शुरू हो गया है. साइबर ठग फर्जी इंस्टाग्राम पेज और विज्ञापनों के जरिए क्रिकेट प्रेमियों को टिकट का लालच दे रहे हैं. पैसे लेने के बाद न टिकट मिलता है और न ही ठगों से संपर्क हो पाता है. इसे देखते हुए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की ओर से अलर्ट जारी किया गया है.
कैसे हो रही है टिकट के नाम पर ठगी?
साइबर ठग सोशल मीडिया पर फर्जी इंस्टाग्राम पेज और विज्ञापन डालकर सस्ते टिकट देने का दावा कर रहे हैं. इन पोस्ट में कम कीमत पर टिकट और तुरंत बुकिंग का लालच दिया जाता है. लोग जैसे ही दिए गए लिंक पर क्लिक करते हैं या ठगों से संपर्क करते हैं, उनसे टिकट के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं. कई लोग भुगतान भी कर देते हैं, लेकिन इसके बाद उन्हें टिकट नहीं मिलता. कुछ देर बाद ठग फोन उठाना और मैसेज का जवाब देना बंद कर देते हैं.
9 अक्टूबर को रांची में भारत-वेस्टइंडीज का मुकाबला
राजधानी रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में 9 अक्टूबर 2026 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जाएगा. मैच शाम 7 बजे शुरू होगा. मैच को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है. टिकट ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई है. टिकटों की मांग बढ़ने के साथ ही साइबर ठग भी सक्रिय हो सकते हैं. ऐसे में फर्जी वेबसाइट, व्हाट्सऐप लिंक और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए टिकट बेचने के नाम पर लोगों को ठगने की कोशिश की जा सकती है.
पहले भी रांची में टिकट के नाम पर हो चुकी है ठगी
रांची में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए मुकाबले के दौरान भी टिकट के नाम पर ठगी के मामले सामने आ चुके हैं. उस दौरान कुछ लोगों को ऑनलाइन टिकट देने का झांसा देकर पैसे लिए गए, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला. अब भारत-वेस्टइंडीज मैच से पहले एक बार फिर ऐसे फर्जी ऑफर सामने आने की आशंका है.
टिकट खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
क्रिकेट मैच का टिकट खरीदते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
- केवल आधिकारिक और विश्वसनीय माध्यम से ही टिकट खरीदें.
- अनजान इंस्टाग्राम पेज और सोशल मीडिया विज्ञापनों पर भरोसा न करें.
- सस्ते टिकट या तुरंत बुकिंग के लालच में न आएं.
- किसी अनजान व्यक्ति के बैंक खाते या UPI नंबर पर पैसे न भेजें.
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें.
ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर करें कॉल
अगर कोई व्यक्ति टिकट के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए. इसके अलावा cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज की जा सकती है. समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम रोकने की कोशिश में मदद मिल सकती.
