RANCHI : झारखंड में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है. राज्य के मेडिकल कॉलेजों में MBBS और PG की सीटें बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. इसके साथ ही कॉलेजों में डॉक्टरों, प्रोफेसरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी दूर करने पर भी जोर दिया जा रहा है.
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों से मौजूदा संसाधनों और कर्मचारियों की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि अभी कॉलेजों में कितने डॉक्टर और कर्मचारी कार्यरत हैं और अगले तीन वर्षों में कितने अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी.
फैकल्टी की कमी दूर करने पर जोर
मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए रिटायर्ड विशेषज्ञों की मदद लेने और दूसरे राज्यों से योग्य प्रोफेसरों को लाने पर भी विचार किया जा रहा है. इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में जरूरी सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है.
SNMMCH धनबाद में सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव
धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) ने वर्ष 2030 तक UG की 250 और PG की 200 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है. वहीं, दुमका, हजारीबाग और पलामू समेत राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी सीटें बढ़ाने की तैयारी की जा रही है.
बोकारो और चाईबासा में अगले साल से पढ़ाई शुरू कराने की कोशिश
राज्य में नए मेडिकल कॉलेजों को शुरू करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं. बोकारो और चाईबासा के मेडिकल कॉलेजों में अगले साल से पढ़ाई शुरू कराने की कोशिश की जा रही है.
कुल मिलाकर, झारखंड में मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने के साथ-साथ कॉलेजों में जरूरी संसाधन और सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. अगर प्रस्तावित योजनाएं लागू होती हैं, तो आने वाले वर्षों में राज्य के छात्रों को मेडिकल की पढ़ाई के अधिक अवसर मिल सकते हैं.
