RANCHI : राजधानी में चल रहे JPSC/JSSC REFORM आंदोलन की आड़ में राज्य सरकार को अस्थिर करने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार विश्वजीत समादार की जमानत याचिका पर रांची के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में सुनवाई हुई. मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने रांची पुलिस को आरोपी का विस्तृत आपराधिक इतिहास पेश करने का निर्देश दिया है.
बोकारो जिले के थर्मल निवासी विश्वजीत समादार ने पूछताछ के दौरान दिए गए कथित इकबालिया बयान में स्वीकार किया है कि वह छात्र नहीं होने के बावजूद अपने राजनीतिक हितों को पूरा करने के उद्देश्य से छात्र आंदोलन में शामिल हुआ था. जांच के मुताबिक, विश्वजीत समादार वर्ष 2020 से 2022 तक राष्ट्रीय बजरंग दल का बोकारो जिला प्रमुख रहा. इसके बाद वर्ष 2022 से वह अंतरराष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद के बोकारो जिला अध्यक्ष के पद पर रहा है.

CM हेमंत सोरेन पर हमले की साजिश रचने का आरोप
जांच के अनुसार, आरोपी पर 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और उन पर हमला कराने की साजिश रचने का आरोप है.
पुलिस के मुताबिक, अपनी कथित योजना को आगे बढ़ाने के लिए विश्वजीत समादार 13 अगस्त 2026 को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचा था. वहां उसने छात्रों का विश्वास हासिल करने के लिए भोजन बांटा और उन्हें कथित तौर पर उकसाने का प्रयास किया. इसी दौरान उसने मीडिया के सामने मुख्यमंत्री को जान से मारने और उनके सरकारी आवास में घुसकर तोड़फोड़ करने की कथित तौर पर धमकी दी थी. इसके अगले दिन यानी 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान हिंसा फैलाने के उद्देश्य से छात्रों को कथित रूप से भड़काने के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विश्वजीत समादार को गिरफ्तार कर लिया.
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अपराधिक इतिहास रिपोर्ट के बाद होगी जमानत पर सुनवाई
इस मामले में रांची के कोतवाली थाना में कांड संख्या 177/2026 दर्ज किया गया है. आरोपी की गिरफ्तारी के बाद रांची पुलिस अब कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों, सहयोगियों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है. अदालत ने पुलिस से आरोपी का विस्तृत आपराधिक इतिहास रिपोर्ट पेश करने को कहा है. अब इस रिपोर्ट के अदालत में प्रस्तुत होने के बाद ही विश्वजीत समादार की जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई होगी.
