PALAMU : पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में मिलावटी सरसों तेल ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया. आर्गेमोन मेक्सिकाना मिला तेल खाने से बीमार हुए परिवार के 6 सदस्यों की 20 दिनों के अंदर मौत हो गई.
आखिरी मौत रिम्स में इलाजरत लाखो देवी की मंगलवार रात करीब 2:35 बजे हुई.
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पीड़ित परिवार जो सरसों तेल इस्तेमाल कर रहा था, उसकी जांच में आर्गेमोन मेक्सिकाना नामक जहरीला खर-पतवार का तेल मिला हुआ पाया गया.
स्वास्थ्य विभाग और फूड सेफ्टी की टीम ने घर से सैंपल लिए थे. फूड टेस्टिंग लैब रांची की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि तेल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है.
मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने भी यही आशंका जताई थी. यह तेल आमतौर पर जानवरों के इलाज में इस्तेमाल होता है.
इस घटना का सबसे दुखद पहलू अंधविश्वास है. पिता कुलदीप महतो और पुत्री बबीता कुमारी की मौत के बाद परिवार के बाकी बीमार सदस्य इलाज के बजाय झाड़-फूंक और ओझा-गुणी के चक्कर में पड़ गए.
वे बार-बार डॉक्टरों को चकमा देकर अस्पताल से भाग रहे थे. समय पर इलाज न मिलने और झाड़-फूंक में समय बर्बाद होने से बीमारी बढ़ती गई और जान चली गई.
छतरपुर विधायक सह वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर भी रिम्स पहुंचकर लाखो देवी से मिले थे. डॉक्टरों से बेहतर इलाज के निर्देश दिए थे. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.
19 जून: परिवार के मुखिया कुलदीप महतो की रात में मौत
20 जून: सुबह 8 बजे पुत्री बबीता कुमारी की मौत
26 जून: नाबालिग पुत्री इंदु कुमारी 16 वर्ष की मौत
27 जून: पुत्रवधू श्वेता देवी 28 वर्ष की मौत
29 जून: नकुल मेहता की मौत
7 जुलाई: रात 2:35 बजे लाखो देवी की मौत
सिक्का गांव में लगातार मौतों से दहशत है. घर में सिर्फ बड़ा बेटा अनुज मेहता बचा है. वह सभी का मुखाग्नि दे चुका है. छोटा बेटा सुनील मेहता अब भी रिम्स में इलाजरत है.
उसे हार्टबीट बढ़ने और किडनी में इंफेक्शन की शिकायत है.सीएचसी प्रभारी डॉ श्रवण कुमार मेहता ने काफी प्रयास कर पीड़ितों को रांची रिम्स भेजा था.
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