रांची /बोकारो : बोकारो जिले के बेरमो प्रखंड की रहने वाली तारा देवी की इलाज के दौरान बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) में मृत्यु हो गई. महिला की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि आर्थिक तंगी के कारण अस्पताल की आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी नहीं हो पाने से उन्हें अब तक शव नहीं सौंपा गया है.

परिजनों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है. इसी वजह से अस्पताल से जुड़ी कुछ औपचारिकताएँ पूरी करने में उन्हें कठिनाई हो रही है. उनका आरोप है कि इसी कारण तारा देवी का पार्थिव शरीर अब तक उन्हें नहीं मिल सका है.
पैसा नहीं तो डेड बॉडी नहीं?
बोकारो : बेरमो प्रखंड की निवासी श्रीमती तारा देवी का इलाज के दौरान बोकारो जनरल हॉस्पिटल (BGH) में दुःखद निधन हो गया।
बताया जा रहा है कि परिवार आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर है। आर्थिक तंगी के कारण अस्पताल की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पा रही हैं,… pic.twitter.com/pw0QMRoLxB
— Johar Live (@joharliveonweb) July 5, 2026
प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से हस्तक्षेप की मांग
मृतका के परिजनों ने जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है. उनका कहना है कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराकर जल्द से जल्द पार्थिव शरीर उन्हें सौंपा जाए, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न की जा सके.
अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल, इस मामले में बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि शव सौंपने में देरी की वास्तविक वजह क्या है और कौन-सी औपचारिकताएँ लंबित हैं.
यदि परिजनों के आरोप सही हैं, तो यह मामला अस्पताल की प्रक्रियाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिलने वाली सहायता व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर सकता है. वहीं, अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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