BOKARO : जिला कोषागार से जुड़े 11 करोड़ रुपये के अवैध वेतन निकासी मामले में CID ने बड़ा खुलासा किया है. रांची स्थित CID की विशेष अदालत में मामले की पहली चार्जशीट दाखिल कर दी गई है.
चार्जशीट में बोकारो एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में कार्यरत सिपाही कौशल कुमार पांडेय को पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड बताया गया है.
इसके अलावा एएसआई अशोक कुमार भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार और सिपाही काजल मंडल को भी आरोपी बनाया गया है.
इसे भी पढ़ें : बिना APAAR ID नहीं होगा एसकेएमयू में स्नातक नामांकन, 8 जुलाई तक करें आवेदन
CID के अनुसार कौशल पांडेय ने सरकारी पोर्टल और रिकॉर्ड में हेराफेरी की. रिटायर और मृत पुलिसकर्मियों के नाम पर फर्जी बिल तैयार किए. फिर करोड़ों रुपये अपने परिवार और सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए.
जांच में सामने आया कि सेवानिवृत्त हवलदार उपेंद्र सिंह की जन्मतिथि और सेवा रिकॉर्ड में बदलाव कर रिटायरमेंट की तारीख आगे बढ़ा दी गई.
इसके बाद नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक 29 महीनों में 63 बार पैसे निकालकर करीब 4 करोड़ 29 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई.
CID का दावा है कि कौशल पांडेय ने अपनी पत्नी अनु पांडेय और मां बृज कुमारी देवी के खातों में भी बड़ी रकम भेजी. कई कर्मचारियों के जीपीएफ नंबर बदलकर पैसे मां के खाते में ट्रांसफर किए गए.
आरोपी DDO को विश्वास में लेकर उनका OTP हासिल करता था और धोखे से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाता था.पहले अवैध राशि 21 खातों में भेजी गई. फिर इन खातों से 600 से अधिक बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए.
CID की SIT ने सभी खातों को फ्रीज कर दिया है.अन्य आरोपियों की भूमिका:सतीश कुमार: गृह रक्षक के खाते में करीब 1 करोड़ 6 लाख के संदिग्ध लेन-देन. आरोप है कि वह पैसे निकालकर नकद कौशल पांडेय तक पहुंचाता था.
अशोक कुमार भंडारी: ASI के और उससे जुड़े खातों में करीब 1 करोड़ 11 लाख पहुंचे.काजल मंडल: सिपाही के घर छापेमारी में 8 लाख 75 हजार नकद बरामद. यात्रा मद की अवैध राशि इसके खाते में भेजी जाती थी.
CID ने अदालत में 25 गवाहों के बयान, फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट, वित्तीय लेन-देन रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक सबूत पेश किए हैं. मुख्य तथ्य 35 पन्नों और केस डायरी 100 से ज्यादा पन्नों की है.
आरोपियों की संपत्ति पर भी कार्रवाई. बोकारो के तेलीडीह में आलीशान मकान और जमीन के दस्तावेज जब्त. करीब 1 करोड़ 18 लाख की FD भी फ्रीज की गई है.
उधर हजारीबाग के 31 करोड़ रुपये के अवैध वेतन निकासी मामले में भी जल्द चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है. इसका मास्टरमाइंड शंभू कुमार सिंह बताया जा रहा है. 6 आरोपी जेल में बंद हैं.
इसे भी पढ़ें : रांची में बनेगा मॉडल कॉरिडोर, हरमू बाइपास और बहुबाजार की सभी दुकानों के ट्रेड लाइसेंस की होगी जांच
