रांची/साणंद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के साणंद में स्थापित सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओसैट) संयंत्र का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने झारखंड की तीन युवा इंजीनियरों—गिरिडीह की पूनम कुमारी, पश्चिमी सिंहभूम की प्रियंका और जमशेदपुर की तनिषा गौतम—से संवाद किया. तीनों वर्तमान में सीजी सेमी कंपनी में डिप्लोमा इंजीनियर प्रशिक्षु के रूप में कार्यरत हैं और भारत के पहले वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर परियोजना की टीम का हिस्सा हैं.

प्रधानमंत्री ने संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद अपने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इन युवाओं से हुई बातचीत का वीडियो साझा किया. उन्होंने लिखा कि उद्घाटन समारोह का सबसे विशेष क्षण उन युवाओं से मिलना रहा, जो इस संयंत्र में कार्य कर रहे हैं.
One of the most special moments during the inauguration of the CG Semi Outsourced Semiconductor Assembly and Test (OSAT) facility in Sanand was the opportunity to interact with the youth who are working there. A large number of the workforce includes women. They hail from remote… pic.twitter.com/JNFlr6Gmnh
— Narendra Modi (@narendramodi) July 5, 2026
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि संयंत्र के कार्यबल में बड़ी संख्या में महिलाएँ शामिल हैं. इनमें से कई देश के दूरदराज़ क्षेत्रों और आदिवासी समुदायों से आती हैं. उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन युवाओं ने सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी को सीखा, प्रशिक्षण प्राप्त किया और आज वे भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा को नई शक्ति प्रदान कर रही हैं.
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश का समापन “हमारी युवा शक्ति पर गर्व है” शब्दों के साथ किया.
झारखंड की बेटियों की उपलब्धि
गिरिडीह की पूनम कुमारी, पश्चिमी सिंहभूम की प्रियंका और जमशेदपुर की तनिषा गौतम का देश की अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर परियोजना से जुड़ना झारखंड के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. तीनों युवा इंजीनियर ऐसे क्षेत्र में काम कर रही हैं, जिसे भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और भविष्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है.
भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में नया पड़ाव
साणंद स्थित सीजी सेमी ओसैट संयंत्र का उद्घाटन भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है. यह संयंत्र चिपों की असेंबली, पैकेजिंग और परीक्षण जैसे कार्य करेगा, जो सेमीकंडक्टर निर्माण श्रृंखला का अहम हिस्सा हैं. केंद्र सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करना है और यह संयंत्र उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि डिज़ाइन, निर्माण, पैकेजिंग और परीक्षण सहित संपूर्ण सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उनका कहना था कि देश के युवा और विशेष रूप से महिलाएँ इस तकनीकी परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभर रही हैं.
