रांची : राज अस्पताल में भर्ती 18 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत के बाद विवाद गहरा गया है. मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि इलाज के नाम पर करीब 16 लाख रुपये खर्च करने के बावजूद मरीज की जान नहीं बच सकी. वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

पैर की चोट से शुरू हुआ इलाज, बिगड़ती गई हालत
मृतक की पहचान लातेहार निवासी 18 वर्षीय राजू कुमार के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, मई महीने में राजू का पैर टूट गया था, जिसके बाद उसे इलाज के लिए राज अस्पताल में भर्ती कराया गया. परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान उसके शरीर में संक्रमण फैलता गया और उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही. गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन गुरुवार को उसने दम तोड़ दिया.
इसे भी पढे : डीएसपीएमयू में खेल विभाग के शिक्षक पर गंभीर आरोप,आदिवासी छात्र संघ का प्रदर्शन
16 लाख खर्च हुए, फिर भी नहीं बची जान
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने इलाज के नाम पर करीब 16 लाख रुपये का बिल बनाया. उनका कहना है कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद मरीज की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जब हालत ज्यादा गंभीर हो गई, तब अस्पताल ने उसे दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात कही. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पैर की चोट का संक्रमण सिर तक कैसे पहुंच गया.
एक दिन पहले भी अस्पताल में हुआ था हंगामा
इस मामले को लेकर बुधवार को भी राज अस्पताल में परिजनों ने जमकर हंगामा किया था. उन्होंने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया था.
मौत के बाद मामले ने पकड़ा तूल
युवक की मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया है. परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स लेकर पहुंचे. पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए लातेहार ले जाया जाएगा. परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
पुलिस बोली- शिकायत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि यदि परिजन लिखित शिकायत देते हैं, तो पूरे मामले की विस्तृत जांच की जाएगी. फिलहाल शव का पोस्टमार्टम रिम्स में कराया जा रहा है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की शिकायत के आधार पर की जाएगी.
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष आना बाकी
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. ऐसे में इलाज में लापरवाही के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. फिलहाल यह मामला राजधानी में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजरें जांच के नतीजों पर टिकी हैं.
