RANCHI : झारखंड भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप वर्मा को पार्टी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिली है. भाजपा ने केंद्रीय संगठन में फेरबदल करते हुए नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी और पदाधिकारियों की सूची जारी की है. इस सूची में प्रदीप वर्मा को राष्ट्रीय मंत्री नियुक्त किया गया है. प्रदेश से राष्ट्रीय संगठन तक पहुंची इस जिम्मेदारी को प्रदीप वर्मा के राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है. लंबे समय से झारखंड भाजपा में सक्रिय रहे प्रदीप वर्मा ने संगठन के अलग-अलग दायित्वों पर काम किया है. प्रदेश उपाध्यक्ष के तौर पर भी वह पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं.

संगठन में लंबे अनुभव का मिला लाभ
प्रदीप वर्मा की नई जिम्मेदारी को उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव और पार्टी के प्रति सक्रिय भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है. जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ काम करने से लेकर संगठन को मजबूत करने तक उनकी भूमिका रही है. अब राष्ट्रीय मंत्री के तौर पर उनकी जिम्मेदारी का दायरा झारखंड से बाहर भी बढ़ेगा. पार्टी के केंद्रीय संगठन में शामिल होने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी.

कई नेताओं को मिली राष्ट्रीय जिम्मेदारी
भाजपा की ओर से जारी नई सूची में कई राज्यों के नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी दी गई है. राष्ट्रीय मंत्री के रूप में प्रदीप वर्मा के साथ कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, भोला सिंह, जगदीश ईश्वरभाई पटेल, संदीप पाठक, फांगनोन कोन्याक, संगीता यादव, अनिल एंटनी, एम. वेंकटेशन, मनोज टिग्गा, सिद्धार्थ शंभू, स्वदेश सिंह, मृगांक देव बर्मन, रोहन गुप्ता और जय प्रकाश को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और राजेश मंगल को राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष बनाया गया है.

झारखंड भाजपा में खुशी का माहौल
प्रदीप वर्मा को राष्ट्रीय मंत्री बनाए जाने की खबर सामने आने के बाद झारखंड भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह है. प्रदेश भाजपा के नेताओं ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी है.भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने भी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं. पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि प्रदीप वर्मा के राष्ट्रीय संगठन में आने से झारखंड को पार्टी के केंद्रीय स्तर पर एक और मजबूत प्रतिनिधित्व मिलेगा. प्रदीप वर्मा के लिए यह जिम्मेदारी सिर्फ एक नया पद नहीं, बल्कि झारखंड से निकलकर राष्ट्रीय संगठन में अपनी भूमिका को और व्यापक बनाने का मौका भी है. अब देखना होगा कि राष्ट्रीय मंत्री के तौर पर वह पार्टी की संगठनात्मक रणनीति और गतिविधियों में किस तरह अपनी भूमिका निभाते हैं.
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