रांची : तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले स्थित एक सी-फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री में कार्यरत 39 झारखंडी मजदूरों ने अपने राज्य लौटने के लिए सरकार से मदद की अपील की है. मजदूरों का दावा है कि वे फैक्ट्री परिसर में कठिन परिस्थितियों में रह रहे हैं और उन्हें सुरक्षित झारखंड वापस लाया जाए.यह मामला 21 जून को फैक्ट्री में हुई अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद सामने आया है.मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस हादसे में कई लोगों की मौत हुई थी.मृतकों में झारखंड की प्रीति देवी का नाम भी सामने आया है. हालांकि संबंधित अधिकारियों की ओर से सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि अलग-अलग स्तर पर की जा रही है.

वीडियो जारी कर लगाई मदद की गुहार
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में कुछ मजदूर स्वयं को झारखंड का निवासी बताते हुए राज्य सरकार से सहायता की अपील कर रहे हैं. उनका कहना है कि गैस रिसाव की घटना के बाद वे डरे हुए हैं और जल्द से जल्द अपने घर लौटना चाहते हैं.मजदूरों ने सरकार से सुरक्षित वापसी की व्यवस्था कराने और उनकी स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है.
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
मजदूरों की अपील के बाद राज्य सरकार से मामले में हस्तक्षेप की मांग उठ रही है. मांग की जा रही है कि झारखंड सरकार तमिलनाडु प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर मजदूरों की वास्तविक स्थिति की जानकारी ले और आवश्यकता पड़ने पर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे.
पलायन का मुद्दा फिर चर्चा में
यह घटना एक बार फिर झारखंड से होने वाले श्रमिक पलायन के मुद्दे को चर्चा में ले आई है. प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद राज्य के बड़ी संख्या में लोग रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करते हैं. हर वर्ष हजारों श्रमिक बेहतर आजीविका की उम्मीद में अपने घरों से दूर काम करने जाते हैं, जहां कई बार उन्हें दुर्घटनाओं, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होने से श्रमिकों के पलायन में कमी लाई जा सकती है. ऐसे प्रयास भविष्य में इस तरह की परिस्थितियों से बचाव में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित राज्य सरकारें और प्रशासन इन मजदूरों की सुरक्षा तथा उनकी मांगों पर क्या कदम उठाते हैं.
