RANCHI : पलामू के मेदिनीनगर स्थित चियांकी हवाई अड्डे से उड़ान सेवा शुरू होने का मामला एक बार फिर चर्चा में है. केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए झारखंड सरकार की ओर से जरूरी जवाब अब तक नहीं भेजा गया है. विष्णुदयाल राम को लिखे पत्र में केंद्रीय नागर विमानन एवं सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि चियांकी एयरपोर्ट को उड़ान योजना 4.2 के तहत चयनित किया गया था. इसके लिए राज्य सरकार से कई जरूरी सुविधाओं और औपचारिकताओं को लेकर जवाब मांगा गया था, लेकिन अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

केंद्र ने कहा- झारखंड सरकार ने नहीं दिया जवाब
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, राज्य सरकार से एयरपोर्ट संचालन के लिए नि:शुल्क जमीन उपलब्ध कराने, सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन सेवा, मौसम संबंधी सहायता और अन्य आधारभूत सुविधाओं को लेकर अनुरोध किया गया था. हालांकि इन बिंदुओं पर झारखंड सरकार की ओर से नागर विमानन मंत्रालय को अब तक जवाब नहीं भेजा गया है. पत्र में यह भी बताया गया है कि केंद्र सरकार ने उड़ान योजना के अगले चरण के लिए संशोधित योजना को मंजूरी दी है. इसके तहत देशभर में 120 नए गंतव्यों को जोड़ने और अगले 10 वर्षों में करीब 4 करोड़ यात्रियों को सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है. केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में यदि मेदिनीनगर (डाल्टनगंज) के चियांकी हवाई अड्डे को लेकर वैध और आवश्यक प्रस्ताव प्राप्त होता है, तो संशोधित उड़ान योजना के तहत इस पर विचार किया जाएगा.
इसे भी पढ़े : झारखंड में IAS अधिकारियों की पोस्टिंग में संशोधन, टाइपिंग एरर के बाद नई अधिसूचना जारी
वहीं सांसद विष्णुदयाल राम का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मुख्य सचिव अविनाश कुमार को पत्र लिखकर तथा व्यक्तिगत मुलाकात के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया था. बावजूद इसके राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव नहीं भेजे जाने के कारण एयरपोर्ट से उड़ान सेवा शुरू नहीं हो पा रही है.
