RANCHI : झारखंड सरकार ने राशन कार्डधारकों का जातीय डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए नया अभियान शुरू किया है.
इसके तहत लाखों राशन कार्डों में लाभुकों की जाति संबंधी जानकारी जोड़ी जाएगी.
इसे भी पढ़ें : कांके भूमि घोटाले में ईडी का बड़ा एक्शन, 85 करोड़ की 66 एकड़ जमीन जब्त
खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इन आशंकाओं को खारिज कर दिया है.
विभाग ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य किसी भी लाभुक का राशन बंद करना नहीं है.
सरकार के अनुसार यह पहल राज्य का सटीक और रियल टाइम सामाजिक डेटा तैयार करने के लिए है.
इससे सरकार को पता चलेगा कि किस जाति और वर्ग के कितने लोग सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं.
विभाग ने बताया कि जाति की जानकारी जोड़ने के लिए डिजिटल जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल होगा.
यह पूरी प्रक्रिया PDS दुकानों पर ई-पॉस मशीन और मोबाइल ऐप के जरिए पूरी की जाएगी.
सरकार ने साफ कहा है कि अगर किसी लाभुक की जाति की जानकारी अभी दर्ज नहीं हो पाती है, तब भी उसका राशन किसी भी स्थिति में बंद नहीं किया जाएगा.
विभाग ने राशन बंद होने की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.
इस पहल के बाद डेटा गोपनीयता को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है.
एक तरफ लोग इसे योजनाओं को सटीक बनाने वाला कदम मान रहे हैं, तो दूसरी तरफ कुछ लोग व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं.
फिलहाल सरकार का कहना है कि यह सिर्फ डेटा संग्रहण की प्रक्रिया है और इसका राशन वितरण पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
इसे भी पढ़ें : हजारीबाग में संस्कृत विभाग बंद करने के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन, क्लस्टर नीति वापस लेने की मांग
