JHARKHAND : झारखंड की राजनीति में इन दिनों वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. वजह एक नहीं, बल्कि कई घटनाएं हैं.
सबसे पहले सरकारी वाहन से जुड़े एक पत्र पर उन्होंने नाराजगी जताई और जवाब मांगा. इसके तुरंत बाद दिल्ली में झारखंड सरकार के एक अहम कार्यक्रम में उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठे.
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खास बात ये रही कि उस समय वह दिल्ली में ही मौजूद थे.इसी दौरान उनकी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता जयराम रमेश से मुलाकात हुई.
मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं.हालांकि राधाकृष्ण किशोर ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें उस सरकारी कार्यक्रम का कोई आधिकारिक निमंत्रण नहीं मिला था.
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन सरकार मजबूती से काम कर रही है और सरकार व संगठन के बीच अच्छा तालमेल है.
चर्चा तब और बढ़ गई जब उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा. उन्होंने कहा – “आसमान किसी पद पर टिका नहीं होता, इंसान का शरीर नश्वर है, लेकिन उसके अच्छे काम हमेशा याद रहते हैं”.
साथ ही लिखा कि वह “सूरज पर मकान बनाकर छाया तलाशने वालों में से नहीं हैं”.अब इस पोस्ट के अलग-अलग मतलब निकाले जा रहे हैं.
कुछ लोग इसे सिद्धांतों और अच्छे काम का संदेश मान रहे हैं, तो कुछ इसे हाल की घटनाओं से जोड़कर देख रहे हैं.फिलहाल वित्त मंत्री ने पोस्ट को कोई राजनीतिक मतलब नहीं दिया है.
ऐसे में ये सिर्फ एक विचार है या कोई संकेत, इसका जवाब आने वाला समय ही देगा.
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