RANCHI : रांची में पेट्रोल-डीजल संकट गहराता जा रहा है. तेल कंपनियों की ओर से मांग के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत कम सप्लाई की जा रही है, जिससे शहर में ईंधन की किल्लत बढ़ गई है. गुरुवार को रांची के 56 पेट्रोल पंपों में से 12 पंप पूरी तरह ड्राई रहे. फिलहाल शहर में पेट्रोल 102.70 रुपए और डीजल 96.50 रुपए प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. शुक्रवार सुबह जिन पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध रहा, वहां वाहन चालकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं
रांची में पेट्रोल-डीजल को लेकर बनी असमंजस की स्थिति के बीच जिला प्रशासन ने गुरुवार देर शाम तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ अहम बैठक की. उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के प्रतिनिधियों के साथ जिले में ईंधन आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की.
तेल कंपनियों ने कहा- रांची में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं
बैठक में पेट्रोल पंपों पर बढ़ती भीड़, अचानक बढ़ी मांग और सप्लाई व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. तेल कंपनियों के अधिकारियों ने प्रशासन को बताया कि जिले में ईंधन की कोई बड़ी कमी नहीं है, लेकिन अफवाह और घबराहट की वजह से लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल खरीद रहे हैं.
अधिकारियों के मुताबिक कई उपभोक्ता अपने वाहनों के अलावा अतिरिक्त कंटेनरों में भी ईंधन जमा कर रहे हैं, जिससे पेट्रोल पंपों पर दबाव बढ़ गया है. इसी कारण कुछ जगहों पर अस्थायी रूप से लंबी कतारें और कमी जैसी स्थिति देखने को मिल रही है.
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तेल कंपनियों ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि रांची में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई लगातार जारी है और आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है. कंपनियों ने कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है.
डीसी मंजूनाथ भजन्त्री का निर्देश : पेट्रोल पंपों की नियमित मॉनिटरिंग हो, कृत्रिम कमी और कालाबाजारी पर रहे कड़ी नजर
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और कृत्रिम कमी या कालाबाजारी जैसी स्थिति पर सख्ती से नजर रखी जाए. उन्होंने तेल कंपनियों से भी कहा कि शहर में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएं, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
