आदिवासी छात्र संघ (केंद्रीय समिति, रांची) ने अपने 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर 8 जुलाई 2026 को रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका में महाधिवेशन आयोजित करने की घोषणा की है. संगठन ने बताया कि इस कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से हजारों कार्यकर्ता और आदिवासी समाज के लोग शामिल होंगे.महाधिवेशन के बाद आगे की आंदोलनात्मक रणनीति का भी ऐलान किया जाएगा.
इसे भी पढ़े : NEET-JEE में बड़ा बदलाव संभव, 12वीं बोर्ड के अंकों को मिल सकता है 50% तक वेटेज

सरना कोड लागू और परिसीमन समेत कई मुद्दों पर आंदोलन का ऐलान
महाधिवेशन में कई अहम मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे. इनमें झारखंड में सरकारी नौकरियों में 60 प्रतिशत आरक्षण लागू करने, 1932 के खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू करने, सीएनटी-एसपीटी एक्ट की रक्षा, आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा, रिक्त सरकारी पदों पर नियुक्ति, पंचायतों को अधिकार देने, बैंकों के खाली पदों पर भर्ती, जनगणना कॉलम में अलग कोड की मांग तथा प्रस्तावित परिसीमन का विरोध प्रमुख रूप से शामिल है.
संगठन ने कहा है कि प्रस्तावित परिसीमन के विरोध में महाधिवेशन के बाद राज्यव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा. आदिवासी छात्र संघ का आरोप है कि परिसीमन से आदिवासी पहचान, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी मुद्दे पर लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान भी चलाया जाएगा.
इसे भी पढ़े : महाधिवेशन में रांची सहित राज्य के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भाग लेंगे. संगठन ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर आदिवासी अधिकारों और झारखंड के मुद्दों पर एकजुट होने की अपील की है.
