रांची /दुमका : झारखंड के दुमका जिले के मसलिया प्रखंड की गोलबंधा पंचायत स्थित गोलपुर पहाड़िया टोला में रहने वाले 15 आदिम पहाड़िया परिवार इन दिनों गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से बंद पड़ी जलमीनार और खराब चापाकल के कारण उन्हें खेत के डोभा का दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

करीब 70 लोगों की आबादी वाले इस टोले में रहने वाले लोगों का आरोप है कि पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण वे बारिश के बाद गंदा हो चुके डोभा के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं. ग्रामीणों के मुताबिक इसी पानी के सेवन से कई लोग बीमार भी पड़ चुके हैं.
छह वर्षों से बंद है जलमीनार
ग्रामीणों के अनुसार कल्याण विभाग की ओर से लगभग छह वर्ष पहले पेयजल आपूर्ति के लिए सीमेंटेड जलमीनार का निर्माण कराया गया था. हालांकि मोटर और पाइप खराब होने के बाद यह लंबे समय से बंद पड़ा है.
वहीं काली मंदिर के पास स्थित टोले का एकमात्र चापाकल भी पिछले कई दिनों से खराब है. इसके बाद ग्रामीणों ने पुराने डोभा की सफाई कर उसी का पानी पीना शुरू कर दिया। हाल की बारिश के बाद डोभा का पानी और अधिक दूषित हो गया है.
दूषित पानी पीने से बीमार होने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी पीने के कारण सुनीता कुमारी, लक्ष्मी पुजहरनी, ममता पुजहरनी, किरणी पुजहरनी और अन्नू कुमारी की तबीयत खराब हो गई है.
ग्रामीण फूलचंद पुजहर का आरोप है कि चापाकल की मरम्मत की मांग कई बार पंचायत प्रतिनिधियों से की गई, लेकिन फंड नहीं होने का हवाला देकर मामला टाल दिया गया.
राशन वितरण में अनियमितता का आरोप
ग्रामीण महिला लोडी पुजहरनी ने पीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) परिवारों को मिलने वाले राशन वितरण में भी अनियमितता का आरोप लगाया है.
उनका कहना है कि हर महीने राशन नहीं मिलता। निर्धारित 35 किलोग्राम की जगह केवल 32 किलोग्राम चावल दिया जाता है. इसके अलावा जून महीने का राशन अब तक नहीं मिला है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि योजना में नाम जोड़ने के नाम पर 2,400 रुपये की मांग की जाती है.
सड़क,आवास और पेंशन की भी समस्या
ग्रामीणों के अनुसार पहाड़िया टोला से पहाड़ बाबा थान तक लगभग दो किलोमीटर सड़क आज तक नहीं बन सकी है.
ग्रामीणों का कहना है कि 15 परिवारों में केवल छह परिवारों को ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है, जबकि कई विधवा महिलाएं अब भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित हैं.
ग्रामीणों ने प्रशासन से पेयजल, सड़क, आवास, राशन और पेंशन सहित सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है.
प्रशासन ने क्या कहा ?
इस मामले में प्रखंड विकास पदाधिकारी अजफर हसनैन ने बताया कि संबंधित चापाकल पिछले कुछ दिनों से खराब है.उनके अनुसार गांव के पास एक अन्य चापाकल चालू है, जहां से ग्रामीण पानी ले रहे हैं.
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए पंचायत सचिव को भेजा गया है.जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
