RANCHI : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नदियों और जलस्रोतों को बचाने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. अब झारखंड में नदी, तालाब, डैम, नालों और अन्य जलस्रोतों पर हुए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अवैध निर्माणों को चिन्हित कर नोटिस जारी किया जाए और अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
इसे भी पढ़ें : झारखंड में मौसम हुआ सुहाना, 1 जून तक बारिश और आंधी का अलर्ट
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नगर विकास एवं आवास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि जलस्रोतों पर कब्जा पर्यावरण और जल निकासी व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है. ऐसे में किसी भी कीमत पर अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने सभी शहरी निकायों को निर्देश दिया कि नदियों, तालाबों और डैमों के आसपास बने अवैध ढांचों का सर्वे कर युद्धस्तर पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाए.

कांके डैम संरक्षण को लेकर सीएम सख्त, नालों पर रोक और कैचमेंट एरिया की होगी घेराबंदी
राजधानी रांची के कांके डैम को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ा निर्देश दिया. उन्होंने डैम क्षेत्र में गिरने वाले नालों को तत्काल बंद कराने, कैचमेंट एरिया की मापी कर घेराबंदी कराने और पानी को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए ठोस कार्य योजना तैयार करने को कहा. साथ ही आसपास रहने वाले लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया, ताकि घरों का गंदा पानी डैम में न जाए.
इसे भी पढ़ें : PLFI सुप्रीमो अमृत होरो गिरफ्तार रांची पुलिस को बड़ी सफलता 10 लाख का था इनाम
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी परियोजना, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, ट्रैफिक मैनेजमेंट और कूड़ा निस्तारण व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि शहरी विकास का उद्देश्य सिर्फ सड़क और भवन निर्माण नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है. हेमंत सोरेन ने राज्य के सभी रिंग रोड के आसपास सोलर पैनल और सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना को जल्द लागू करने का निर्देश दिया. इसके अलावा शहरों में स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, डिजिटल मॉनिटरिंग और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया.

हर घर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और रेन वाटर हार्वेस्टिंग लागू करने की तैयारी
स्वच्छ और टिकाऊ शहरों के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रत्येक घर, अपार्टमेंट, होटल और बड़ी सोसाइटी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था लागू करने की बात कही. उन्होंने लोगों से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की अपील भी की, ताकि कचरे का बेहतर पुनर्चक्रण हो सके और प्रदूषण कम किया जा सके.
