RANCHI : रांची के ट्यूलिप हॉस्पिटल में मरीजों और उनके परिजनों के साथ कथित मारपीट के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को जांच कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है. साथ ही कमेटी को दो दिनों के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने साफ कहा है कि अगर जांच में किसी तरह की अनियमितता, मनमानी या गलती सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इतना ही नहीं, स्वास्थ्य मंत्री ने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माने के साथ अस्पताल को सील करने तक की चेतावनी दी है.
कोई भी अस्पताल कानून से ऊपर नहीं
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि किसी भी निजी अस्पताल को मरीजों और उनके परिजनों के साथ मनमानी करने की छूट नहीं दी जा सकती. उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल चाहे किसी बड़े कारोबारी, पूंजीपति या प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हो, कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. मंत्री ने अस्पतालों में बाउंसरों की भूमिका को लेकर भी सख्त नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि मरीज या उनके परिजनों के साथ मारपीट किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है.
अस्पताल में डर नहीं, सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पताल इलाज करने और लोगों की जान बचाने की जगह है. वहां मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए, न कि डर और दहशत का माहौल. उन्होंने कहा कि उनके लिए जनता सबसे ऊपर है और जनता के साथ अन्याय होने पर वह चुप नहीं बैठेंगे. अब सभी की नजरें जांच कमेटी की रिपोर्ट पर हैं. दो दिनों के भीतर सामने आने वाली रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि ट्यूलिप हॉस्पिटल में कथित मारपीट के मामले में वास्तव में क्या हुआ और जांच में किसकी जिम्मेदारी तय होती है.
