CHATRA : जमीन से जुड़े मामले में प्रमाणित प्रति यानी नकल देने के बदले 15 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) हजारीबाग की टीम ने चतरा अनुमंडल दंडाधिकारी कार्यालय के प्रधान लिपिक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान बासुदेव राम, प्रधान लिपिक, अनुमंडल दंडाधिकारी कार्यालय, चतरा के रूप में हुई है.
जानकारी के मुताबिक, हंटरगंज थाना क्षेत्र के बेला गांव निवासी 60 वर्षीय बिलास यादव ने ACB में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि ग्राम बेला में उनके दादा अन्हक्ष महतो व अन्य के नाम से खाता संख्या 38, प्लॉट संख्या 183 में 52 डिसमिल जमीन दर्ज है. इस जमीन को लेकर गांव के ही प्रेमन यादव व अन्य ने अनुमंडल दंडाधिकारी, चतरा के न्यायालय में वाद संख्या 10/2018 दायर किया था. शिकायतकर्ता के अनुसार, मामले की सुनवाई के बाद अनुमंडल दंडाधिकारी के न्यायालय ने प्रेमन यादव व अन्य की दावेदारी को गलत बताते हुए बिलास यादव के पक्ष में फैसला सुनाया था.

इसी आदेश की प्रमाणित प्रति यानी नकल लेने के लिए बिलास यादव प्रधान लिपिक बासुदेव राम के पास पहुंचे थे. आरोप है कि नकल उपलब्ध कराने के बदले प्रधान लिपिक ने उनसे रिश्वत की मांग की. शिकायतकर्ता ने शुरुआत में 10 हजार रुपये रिश्वत मांगे जाने की बात ACB को बताई थी. इसके बाद ACB ने मामले का सत्यापन कराया. सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग थाना में कांड संख्या 10/2026, दिनांक 7 अक्टूबर 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया.
दंडाधिकारी और सरकारी गवाहों की मौजूदगी में ट्रैप
मामला दर्ज होने के बाद ACB ने ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई. 8 अक्टूबर 2026 को गठित ट्रैप टीम ने दंडाधिकारी और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की. टीम ने चतरा अनुमंडल दंडाधिकारी कार्यालय के प्रधान लिपिक बासुदेव राम को बिलास यादव से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद ACB की ओर से आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. यह कार्रवाई एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में काम के बदले रिश्वत मांगने के आरोपों पर ACB की कार्रवाई को सामने लाती है.
