Ranchi : झारखंड में सरकारी नौकरी की भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. JPSC और JSSC से जुड़ी कुल 45 परीक्षाएं अब प्रभावित हुई हैं. इनमें 22 परीक्षाएं रद्द, 6 को अगले आदेश तक स्थगित और 17 परीक्षाओं की जांच कराने का फैसला लिया गया है. भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच CID और SIT कर रही है. सरकार ने साफ किया है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जिन परीक्षाओं की प्रक्रिया संदिग्ध पाई गई है, उन्हें आगे जारी नहीं रखा जाएगा. इसी क्रम में JSSC CGL समेत कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया है.
JSSC CGL समेत कई बड़ी परीक्षाएं रद्द
सरकार के फैसले का सबसे बड़ा असर JSSC CGL पर पड़ा है. विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा को रद्द कर दिया गया है. इस परीक्षा को लेकर सामने आई शिकायतों और SIT-CID की जांच में मिले तथ्यों के बाद यह निर्णय लिया गया.इसके अलावा झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा 2023 और 2025 की रेगुलर और बैकलॉग परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं. सरकार ने 5वीं संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा 2013, 2016 और 2021 से जुड़ी परीक्षाओं को भी रद्द करने का फैसला लिया है. वहीं सिविल जज जूनियर डिवीजन की 2015, 2018 और 2023 की परीक्षाएं, 6वीं लिमिटेड डिप्टी कलेक्टर परीक्षा और 2023 की CDPO परीक्षा भी रद्द कर दी गई हैं.
नियुक्तियों से जुड़ी दूसरी परीक्षाएं भी रद्द
सरकार की कार्रवाई सिर्फ JPSC-JSSC की चर्चित परीक्षाओं तक सीमित नहीं है. विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति से जुड़ी परीक्षा को भी रद्द किया गया है. इसके साथ ही सरकारी इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में Assistant Professor तथा पॉलिटेक्निक कॉलेजों में Lecturer की नियुक्ति से संबंधित परीक्षाओं पर भी रद्दीकरण का फैसला लिया गया है. इसके अलावा JET 2024, Assistant Conservator of Forest 2024, Forest Range Officer, Assistant Public Prosecutor, Drug Inspector और Food Safety Officer से जुड़ी परीक्षाएं भी इस सूची में शामिल हैं.
6 परीक्षाओं पर फिलहाल ब्रेक
सरकार ने छह नियुक्ति प्रक्रियाओं को पूरी तरह रद्द करने के बजाय अगले आदेश तक रोक लगाने का फैसला किया है. इनमें Food Analyst, Project Manager, Deputy Director Prosecution, Director, Inspector of Factories और Boiler Inspector की नियुक्ति प्रक्रिया शामिल है. सरकार के मुताबिक इन परीक्षाओं की शुरुआती प्रक्रिया TDPL के अलावा दूसरी एजेंसियों के जरिए कराई गई थी. अब इन एजेंसियों की भूमिका और उनकी विश्वसनीयता की जांच CID करेगी. जांच के बाद इन परीक्षाओं को लेकर आगे फैसला लिया जाएगा.
17 परीक्षाओं की होगी जांच
45 प्रभावित परीक्षाओं में 17 परीक्षाओं की प्रक्रिया की जांच कराने का भी निर्णय लिया गया है. यानी सरकार ने फिलहाल इन परीक्षाओं को सीधे रद्द करने के बजाय इनके आयोजन और प्रक्रिया की जांच का रास्ता चुना है. इससे यह साफ है कि सरकार अब भर्ती परीक्षाओं को लेकर तीन स्तर पर कार्रवाई कर रही है , जहां गड़बड़ी के तथ्य सामने आए हैं वहां परीक्षा रद्द, जहां एजेंसियों की भूमिका पर सवाल हैं वहां प्रक्रिया स्थगित और बाकी मामलों में जांच.
भर्ती व्यवस्था बदलने की तैयारी, सरकार के 3 बड़े कदम
सरकार ने सिर्फ पुरानी परीक्षाओं पर कार्रवाई तक खुद को सीमित नहीं रखा है. भविष्य में भर्ती परीक्षाओं को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए तीन अहम फैसले भी लिए गए हैं.
- हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट का अनुरोध
JPSC और JSSC की परीक्षाओं में गड़बड़ी से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए सरकार झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का अनुरोध करेगी.
- दोनों आयोगों में बनेगा Internal Vigilance Cell
JPSC और JSSC में Internal Vigilance Cell बनाया जाएगा. इसका उद्देश्य आयोग की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रक्रिया पर निगरानी रखना होगा, ताकि गड़बड़ी की संभावना को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके.
- दो महीने में रिपोर्ट देगी हाईलेवल कमेटी
वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी. इसमें राज्य के प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशकों को भी शामिल किया जाएगा. समिति JPSC और JSSC की मौजूदा परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगी और उसे बेहतर बनाने के लिए सुझाव देगी. समिति को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी.
सरकार का सख्त संदेश
सरकार के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना में इन फैसलों की जानकारी दी गई है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी, अनियमितता या धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हालांकि, इन फैसलों का सीधा असर उन हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ेगा, जिन्होंने इन परीक्षाओं में हिस्सा लिया था और नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे थे. खासकर JSSC CGL जैसी परीक्षा के रद्द होने के बाद अब अभ्यर्थियों के सामने नई परीक्षा प्रक्रिया, समय और नियुक्ति की अनिश्चितता सबसे बड़ा सवाल है. अब असली सवाल यही है कि इन 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई के बाद क्या झारखंड की भर्ती व्यवस्था में वाकई बदलाव आएगा, या फिर युवाओं को दोबारा वही लंबा इंतजार करना पड़ेगा?
