RANCHI : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितता, पेपर लीक और ओएमआर शीट में हेराफेरी के मामले की जांच कर रही सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने परीक्षा में सफल रहे दो सहोदर भाइयों को हजारीबाग से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओमप्रकाश राणा और दीपक राणा के रूप में हुई है. सीआईडी की जांच में सामने आया है कि दोनों ने कथित तौर पर सेटिंग के जरिए जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हासिल की थी.
एजेंट के जरिए दिए गए थे 10 से 15 लाख रुपये
जांच के दौरान सीआईडी को जानकारी मिली है कि दोनों भाइयों ने परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए कथित तौर पर एक एजेंट के माध्यम से करीब 10 से 15 लाख रुपये दिए थे. एजेंसी अब उस व्यक्ति की तलाश में जुटी है, जिसने कथित तौर पर दोनों अभ्यर्थियों से रकम लेकर परीक्षा में सफलता दिलाने का भरोसा दिया था. सीआईडी को जांच के दौरान एजेंट की भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आई है. अब एजेंसी एजेंट तक पहुंचने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.
मेधा घोटाला मामले में दर्ज है केस
जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में सीआईडी ने सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 दर्ज कर जांच शुरू की है. इसी मामले की जांच के क्रम में दोनों सहोदर भाइयों की गिरफ्तारी हुई है. सीआईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर परीक्षा में सेटिंग कराने वाले नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. जांच एजेंसी गिरफ्तार दोनों अभ्यर्थियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और लेन-देन की जानकारी जुटा रही है. फिलहाल मामले में सीआईडी की जांच जारी है और एजेंट की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क से जुड़े और खुलासे होने की उम्मीद है.
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