RANCHI/NEW DELHI : दिल्ली के झारखंड भवन में 29 सितंबर को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पूर्व सांसद घूरन राम के परिवार के छह सदस्य लिफ्ट में घंटों तक फंसे रहे. लंबे समय तक लिफ्ट के अंदर बंद रहने के कारण परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई और सभी के बेहोश होने की बात सामने आई है. जानकारी के मुताबिक, लिफ्ट में फंसे लोगों में पूर्व सांसद के बेटे और बहू भी शामिल थे. काफी देर तक जब लिफ्ट नहीं खुली तो झारखंड भवन के रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारियों ने किसी तरह लिफ्ट को तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला. इसके बाद सभी छह लोगों को तत्काल दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. फिलहाल सभी की हालत सामान्य और खतरे से बाहर बताई जा रही है.
मौके पर कोई इंजीनियर नहीं था
घटना के बाद पूर्व सांसद घूरन राम ने झारखंड भवन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि परिवार के लोग काफी देर तक लिफ्ट में फंसे रहे, लेकिन मौके पर लिफ्ट को ठीक करने के लिए कोई इंजीनियर या टेक्नीशियन मौजूद नहीं था. घूरन राम ने पुराने झारखंड भवन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वहां पर्याप्त सुविधाओं का अभाव है और कर्मचारियों की मौजूदगी भी नहीं रहती. उनका आरोप है कि अगर रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो परिवार के साथ बड़ी अनहोनी हो सकती थी.
घटना के बाद उठ रहे कई सवाल
इस घटना ने झारखंड भवन में लिफ्ट की सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. खास तौर पर यह सवाल उठ रहा है कि अगर लिफ्ट में कोई व्यक्ति घंटों फंस जाए, तो उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भवन में तत्काल सहायता की क्या व्यवस्था है. हालांकि, झारखंड भवन के जिम्मेदार अधिकारियों या संचालन से जुड़े पक्ष की ओर से इस पूरे मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है.
कौन हैं घूरन राम?
घूरन राम गढ़वा जिले के रहने वाले हैं. वर्ष 2007 में पलामू लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया था. बाद में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. फिलहाल परिवार के सभी छह सदस्य दिल्ली में हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है. परिवार की स्थिति सामान्य बताई जा रही है.
