PAKUR : सदर प्रखंड के पश्चिमी झिकरहाटी गांव में बिना सूचना बोर्ड लगाए ड्रेन यानी नाली का निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है. इसे सरकारी नियमों के उल्लंघन और संभावित अनियमितता के रूप में देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना सूचना बोर्ड के निर्माण कार्य कराए जाने से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि यह योजना किस विभाग के तहत चल रही है. इसकी कुल लागत कितनी है और कार्य किस ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है.

पश्चिमी झिकरहाटी गांव में नाली निर्माण पर उठे सवाल. लागत, विभाग और ठेकेदार की जानकारी से लोग अनजान
ग्रामीणों के अनुसार ड्रेन निर्माण का कार्य झिकरहाटी मुख्य सड़क नीमतल्ला से मध्य विद्यालय जाने वाली गलीनुमा सड़क के किनारे कराया जा रहा है. निर्माण स्थल पर एक तरफ करीब दस इंच की जोड़ाई की जा रही है जबकि दूसरी तरफ केवल पांच इंच की जोड़ाई की जा रही है. इससे निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस क्षेत्र में अक्सर योजनाओं के कार्य स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं लगाया जाता है. कई बार योजना का पैसा निकासी होने के बाद बोर्ड हटा दिया जाता है. जिस कारण आम लोगों को योजना से संबंधित जरूरी जानकारी नहीं मिल पाती है.
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है. उनका कहना है कि पहले काम पूरा किया जाता है और बाद में केवल औपचारिकता के लिए बोर्ड लगाया जाता है. इधर मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी समीर अल्फ्रेड मुर्मू से संपर्क कर पक्ष जानने की कोशिश की गई। हालांकि संपर्क नहीं हो पाने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल सका.
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ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सूचना बोर्ड लगाकर योजना की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए.
