RANCHI: झारखंड की आदिवासी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े ऐतिहासिक मुड़मा राजी पड़हा जतरा स्थल की जमीन के सीमांकन, संरक्षण और बंदोबस्ती का मामला एक बार फिर चर्चा में है. इस मुद्दे को लेकर ऐतिहासिक राजी पड़हा जतरा समिति ने झारखंड सरकार और जिला प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है. समिति ने रांची प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन कर जतरा स्थल की जमीन से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान निकालने की अपील की.
आदिवासी समाज की आस्था और पहचान से जुड़ा है जतरा स्थल
समिति के अनुसार, मुड़मा जतरा स्थल आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है. ऐसे में इस ऐतिहासिक स्थल की जमीन का सीमांकन कराकर उसका संरक्षण सुनिश्चित करना जरूरी है. समिति का कहना है कि जमीन से जुड़े विवादों के कारण स्थल के संरक्षण का मामला लंबे समय से लंबित है. इसलिए सरकार और प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए.
ग्रामसभा की रोक के बावजूद निर्माण का आरोप
संवाददाता सम्मेलन में समिति ने आरोप लगाया कि ग्रामसभा की रोक के बावजूद जतरा स्थल की जमीन पर निर्माण कार्य किया गया. इसके अलावा, संबंधित रैयत परिवारों की जमीन से जुड़ा विवाद भी अब तक नहीं सुलझ पाया है. समिति ने इन मामलों का समाधान निकालने और जमीन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. हालांकि, निर्माण कार्य से जुड़े आरोपों और विवाद की स्थिति पर संबंधित प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है.
रैयत परिवारों को मुआवजा या वैकल्पिक जमीन देने की मांग
ऐतिहासिक राजी पड़हा जतरा समिति ने सरकार और जिला प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें रखी हैं.
- मुड़मा जतरा स्थल की जमीन का जल्द सीमांकन कराया जाए.
- जमीन से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान निकाला जाए.
- प्रभावित रैयत परिवारों को उचित मुआवजा या वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराई जाए.
- ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए जतरा स्थल का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए.
सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
समिति ने कहा कि मुड़मा जतरा स्थल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए इसके संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. जमीन का सीमांकन और विवादों का समाधान होने से स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. अब सवाल यह है कि झारखंड सरकार और जिला प्रशासन इस मांग पर कब तक कार्रवाई करते हैं और मुड़मा जतरा स्थल की जमीन से जुड़े विवाद का स्थायी समाधान कब निकलता है.
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