RANCHI : जमशेदपुर में अपराध की दुनिया में वारदात को अंजाम देने के तरीके में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. पारंपरिक गैंगवार और स्थानीय अपराधियों के बजाय अब कुछ मामलों में दूसरे राज्यों से शूटर बुलाकर वारदात कराने का तरीका सामने आ रहा है. निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में भी पुलिस को इसी तरह के नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली है.
पुलिस के अनुसार, निखार सबलोक की हत्या के लिए उत्तर प्रदेश से शूटर बुलाए गए थे. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने यूपी से कुछ संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही हत्या की साजिश से जुड़े आरोपियों को भी पुलिस ने अपनी जांच के दायरे में लिया है.
स्थानीय नेटवर्क की जगह बाहरी शूटरों का इस्तेमाल
अपराध की दुनिया में पहले स्थानीय गिरोहों और उनके सदस्यों के जरिए वारदात को अंजाम देने का चलन अधिक देखा जाता था. ऐसे मामलों में पुलिस के लिए अपराधियों की पहचान और उनके नेटवर्क तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान होता था. लेकिन बाहरी शूटरों के इस्तेमाल से जांच का दायरा कई जिलों और राज्यों तक फैल जाता है. इस तरह के मामलों में स्थानीय स्तर पर साजिश रचने वाला व्यक्ति खुद सीधे वारदात में शामिल होने से बचने की कोशिश करता है. वहीं, बाहर से बुलाए गए शूटर घटना को अंजाम देने के बाद दूसरे राज्य लौट सकते हैं. इससे पुलिस के सामने शूटरों की पहचान के साथ-साथ उन्हें बुलाने वाले व्यक्ति तक पहुंचने की चुनौती भी बढ़ जाती है.
निखार हत्याकांड में सामने आई अंतरराज्यीय कड़ी
निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस को उत्तर प्रदेश से जुड़े शूटरों की भूमिका का पता चला. पुलिस ने यूपी में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया. जांच में हत्या की साजिश और सुपारी से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है. ऐसे मामलों में पुलिस को केवल वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों तक सीमित नहीं रहना पड़ता, बल्कि उनके स्थानीय संपर्क, शहर में आने-जाने, ठहरने और साजिशकर्ताओं से संपर्क जैसी कड़ियों की भी जांच करनी होती है.
इसे भी पढें : झारखंड की सिंहभूम क्यों हुई पीछे? छत्तीसगढ़ बस्तर में मिला अरबों साल पुराना राज!
पुलिस के लिए बढ़ रही चुनौती
बाहरी शूटरों के इस्तेमाल से अपराध की जांच अधिक जटिल हो जाती है. पुलिस को एक तरफ शूटरों की पहचान और गिरफ्तारी करनी होती है, तो दूसरी तरफ उनके पीछे मौजूद साजिशकर्ताओं और आर्थिक लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल करनी पड़ती है. निखार सबलोक हत्याकांड में भी पुलिस की कार्रवाई अलग-अलग स्थानों तक पहुंची है. यूपी से शूटरों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट करने पर है.
बाहरी शूटरों का इस्तेमाल बना चिंता का विषय
निखार हत्याकांड ने जमशेदपुर में अपराध के बदलते तौर-तरीकों को लेकर सवाल खड़े किए हैं. यदि अपराधी स्थानीय पहचान से बचने के लिए दूसरे राज्यों के शूटरों का इस्तेमाल करते हैं, तो पुलिस के सामने अंतरराज्यीय समन्वय की चुनौती बढ़ सकती है. ऐसे मामलों में तकनीकी जांच, संदिग्धों की गतिविधियों की निगरानी और विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय अहम भूमिका निभाता है. फिलहाल निखार सबलोक हत्याकांड की जांच जारी है और पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.
