RANCHI/GIRIDIH : गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र स्थित धर्मपुर पंचायत में कथित तौर पर बिना जरूरी अनुमति के आरा मिल संचालित होने का मामला सामने आया है. स्थानीय लोगों का दावा है कि धर्मपुर गांव में पिछले करीब चार महीनों से एक आरा मिल चल रही है. इस मामले को लेकर अब वन विभाग की निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं. ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग आरा मिल के संचालन से जुड़े लाइसेंस, जरूरी अनुमतियों और लकड़ी की खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेजों की जांच करे. हालांकि, आरा मिल के अवैध होने की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है.
जमुआ क्षेत्र में आरा मिलों के संचालन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कथित अवैध आरा मिलों के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई और छापेमारी के बाद भी दूसरे स्थानों पर नई मिलें संचालित होने की चर्चाएं सामने आती रहती हैं. ऐसे में ग्रामीण यह जानना चाहते हैं कि आरा मिलों के संचालन की नियमित जांच किस स्तर पर की जा रही है और नियमों के अनुपालन को कैसे सुनिश्चित किया जा रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, धर्मपुर में संचालित बताई जा रही आरा मिल में स्थानीय स्तर पर जमीन उपलब्ध कराने और बाहरी लोगों की भूमिका होने की बात भी कही जा रही है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है.
आरा मिलों की अनियंत्रित गतिविधियों से पर्यावरण को खतरा
लकड़ी के कारोबार और आरा मिलों के संचालन का सीधा संबंध लकड़ी की उपलब्धता और उसके परिवहन से है. यदि लकड़ी की कटाई, खरीद-बिक्री या परिवहन में नियमों का उल्लंघन होता है, तो इसका असर वन संपदा और पर्यावरण पर पड़ सकता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जमुआ क्षेत्र में आरा मिलों की वैधता और वहां पहुंचने वाली लकड़ी के स्रोत की जांच जरूरी है. उनका मानना है कि इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि लकड़ी वैध स्रोतों से लाई जा रही है या कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं हो रही है.
वन विभाग की कार्रवाई पर ग्रामीणों के सवाल
धर्मपुर मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने कई सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि यदि किसी आरा मिल के संचालन में अनियमितता पाई जाती है, तो केवल छापेमारी तक सीमित रहने के बजाय आगे की निगरानी भी जरूरी है. ग्रामीणों ने विभाग से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि संबंधित आरा मिल के पास आवश्यक लाइसेंस और अनुमति है या नहीं. इसके अलावा, लकड़ी के स्रोत, परिवहन से जुड़े दस्तावेजों और संचालन की वैधता की भी जांच करने की मांग की गई है.
निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने धर्मपुर सहित जमुआ प्रखंड क्षेत्र में संचालित आरा मिलों की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए. फिलहाल, धर्मपुर में आरा मिल के कथित अवैध संचालन और उससे जुड़े आरोपों पर वन विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है. विभाग की प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्षों से ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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