RANCHI : लगातार बारिश के बाद रांची के सिल्ली इलाके में रानीहारा चेक डैम का बांध टूट गया. गोंडाडीह पंचायत के खैर बेड़ा के पास बांध का हिस्सा टूटते ही पानी तेज रफ्तार से निचले इलाकों की ओर बहने लगा. देखते ही देखते खेतों और आसपास के गांवों में पानी फैल गया. ग्रामीणों के मुताबिक, चेक डैम में लगातार बारिश के कारण पानी का दबाव बढ़ता जा रहा था. इसी दौरान बांध का एक हिस्सा टूट गया और पानी का बहाव तेज हो गया. स्थानीय लोगों का दावा है कि करीब पांच किलोमीटर के दायरे में इसका असर देखने को मिला.

खेतों में पानी, धान की फसल को नुकसान
बांध टूटने के बाद सबसे ज्यादा असर खेती पर पड़ा है. ग्रामीणों के अनुसार कई खेतों में पानी भर गया, जिससे धान की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है. कुछ स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में किसानों के प्रभावित होने की बात कही है. हालांकि, कितने किसानों की फसल बर्बाद हुई और कुल कितने क्षेत्र में नुकसान हुआ, इसका आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है. प्रशासनिक सर्वे के बाद ही वास्तविक नुकसान की तस्वीर साफ होगी.
इन इलाकों तक पहुंचा पानी
खैर बेड़ा के अलावा बाबनी, सातपालू, गोंडाडीह और रेगड़ीआम समेत आसपास के इलाकों में भी पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है. ग्रामीणों के मुताबिक बाजार और रिहायशी इलाकों की गलियों में भी पानी भर गया, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई. अचानक पानी का बहाव बढ़ने से इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई. ग्रामीणों ने पानी के तेज बहाव के बीच मवेशियों और बकरियों के बहने की भी जानकारी दी है. हालांकि, कितने पशु प्रभावित हुए हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
ग्रामीणों ने उठाए डैम की मरम्मत पर सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों ने चेक डैम की स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि डैम की हालत पिछले साल से ही ठीक नहीं थी और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण बारिश के दौरान पानी का दबाव बढ़ने पर बांध टूट गया. ग्रामीणों ने चेक डैम की तकनीकी जांच और स्थायी मरम्मत की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने.
प्रशासन ने लिया स्थिति का जायजा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार के मुताबिक, फिलहाल घटना में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है. अब प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में फसल और अन्य नुकसान का आकलन किया जा रहा है. ग्रामीणों ने सर्वे के आधार पर प्रभावित किसानों को राहत और उचित मुआवजा देने की मांग की है. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि चेक डैम टूटने से वास्तविक नुकसान कितना हुआ? इसका जवाब प्रशासनिक सर्वे पूरा होने के बाद ही सामने आएगा.
