RANCHI : गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा चास प्रखंड की पिंड्राजोरा पंचायत पहुंचे. इस दौरान उन्होंने जिला एसपी नाथू सिंह मीना और डीडीसी शताब्दी मजुमदार के साथ ग्राम सभा में हिस्सा लिया. ग्राम पंचायत के विजिटर रजिस्टर में उपायुक्त अजय नाथ झा ने ग्राम स्वराज को लेकर अपना संदेश दर्ज किया. उन्होंने लिखा कि गांव प्रशासन की सबसे छोटी इकाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति बने – यही ग्राम स्वराज है.
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जागरूक ग्रामीण और सक्रिय ग्राम सभा को बताया पंचायती राज की ताकत
उपायुक्त ने कहा कि पंचायती राज की वास्तविक ताकत केवल पंचायत भवन, बजट या योजनाओं की संख्या में नहीं है. इसकी असली शक्ति जागरूक ग्रामीणों, सक्रिय ग्राम सभा और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी में है. उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और वंचित वर्गों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया. डीसी ने कहा कि ग्राम सभा ऐसी जगह बने, जहां ग्रामीण अपनी बात खुलकर रखें और गांव के विकास से जुड़े फैसलों में सक्रिय रूप से शामिल हों.

‘ग्राम सभा में सिर्फ भाषण नहीं, संवाद और सहभागिता हो’
उपायुक्त अजय नाथ झा ने बोकारो जिले की सभी ग्राम पंचायतों से अपील की कि ग्राम सभा केवल औपचारिक बैठक बनकर न रह जाए. ग्राम सभा में भाषण के बजाय संवाद और सहभागिता को प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने कहा कि गांव के विकास से जुड़े फैसलों में सामूहिक जिम्मेदारी होनी चाहिए और विकास की प्रक्रिया में समाज के अंतिम व्यक्ति को केंद्र में रखा जाना चाहिए.
गांधी जयंती पर ग्राम स्वराज का संदेश
गांधी जयंती के मौके पर बोकारो डीसी का यह संदेश ग्राम स्वराज और जमीनी लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अपील के तौर पर सामने आया. पिंड्राजोरा पंचायत में आयोजित ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर भागीदारी, संवाद और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया गया.
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