RANCHI / PLAMU : झारखंड के पलामू जिले के मनातू प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह अंचल अधिकारी (CO) मदन कुमार सुमन को सोशल मीडिया के जरिए गोली मारने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है. अधिकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर ‘ममता यादव’ नाम से सक्रिय एक आईडी से धमकी भरी पोस्ट की गई है. पोस्ट में BDO को गोली मारने की बात कही गई है. घटना के बाद अधिकारी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.

मदन कुमार सुमन ने बताया कि सोशल मीडिया पर उन्हें धमकी दिए जाने से संबंधित पोस्ट सामने आई है. उन्होंने बताया कि फिलहाल जमीन से जुड़े एक मामले की न्यायिक सुनवाई चल रही है और गुरुवार को इस मामले में दोबारा सुनवाई होनी है. अधिकारी को आशंका है कि सोशल मीडिया पर दी गई धमकी का संबंध इसी जमीन विवाद से हो सकता है. हालांकि, धमकी देने वाले व्यक्ति और इसके पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
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मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. अधिकारी की ओर से मनातू थाने में लिखित शिकायत दिए जाने की बात कही गई है। पुलिस शिकायत मिलने के बाद सोशल मीडिया पोस्ट और उसके पीछे मौजूद व्यक्ति की जांच कर सकती है.

नक्सल गतिविधियों के इतिहास वाला इलाका है मनातू
मनातू प्रखंड और अंचल कार्यालय मेदिनीनगर से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित है. यह क्षेत्र जंगल और पहाड़ियों से घिरा हुआ है और बिहार के गया तथा झारखंड के चतरा जिले की सीमा के करीब है. मनातू क्षेत्र लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहा है। ऐसे में सरकारी अधिकारी को धमकी मिलने की घटना को स्थानीय स्तर पर गंभीरता से देखा जा रहा है.
1995 में भी हुई थी BDO की हत्या
मनातू में किसी सरकारी अधिकारी को धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है. वर्ष 1995 में मनातू के तत्कालीन BDO भवनाथ झा को भी नक्सलियों की ओर से धमकी दिए जाने की बात सामने आई थी. बताया जाता है कि धमकी के अगले ही दिन उनकी हत्या कर दी गई थी. इसके बाद वर्ष 2022-23 में भी मनातू के तत्कालीन BDO को TSPC संगठन की ओर से धमकी दिए जाने का मामला सामने आया था. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
अब एक बार फिर मनातू के BDO को सोशल मीडिया पर गोली मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के स्तर पर अधिकारी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. हालांकि, मौजूदा मामले में धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान और धमकी के पीछे की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
