RANCHI : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर झारखंड में सियासी विरोध तेज होता जा रहा है. सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया. पार्टी ने SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की.
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महुआ माजी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
प्रदर्शन को JMM सांसद महुआ माजी ने भी संबोधित किया. उन्होंने चुनाव आयोग की स्वायत्तता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए. JMM की ओर से आरोप लगाया गया कि चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं. पार्टी का दावा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के कुछ फैसलों को लेकर आयोग के अन्य चुनाव आयुक्तों की ओर से भी लिखित आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं. इन दावों को लेकर JMM ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है.

SIR प्रक्रिया पर JMM की आपत्ति
JMM का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में आम मतदाताओं की समस्याओं और दस्तावेजों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से देखा जाना चाहिए. पार्टी ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटने को लेकर चिंताएं सामने आई हैं. चुनाव आयोग की ओर से SIR की प्रक्रिया को लेकर निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत काम करने की बात कही गई है.
लगातार विरोध की तैयारी में JMM
JMM ने संकेत दिया है कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उसका विरोध यहीं खत्म नहीं होगा. पार्टी ने 30 सितंबर को रांची स्थित लोक भवन के समक्ष प्रदर्शन करने का भी कार्यक्रम घोषित किया है. इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग उठाई जाएगी. इस पूरे मामले में अब SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ चुनाव आयोग की ओर से आने वाली प्रतिक्रियाएं भी महत्वपूर्ण होंगी.
