RANCHI/GIRIDIH : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की गिरिडीह जिला कमेटी ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय स्थित टावर चौक पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और केंद्र की मोदी सरकार तथा निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान पार्टी ने SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में निष्पक्षता बरतने की मांग उठाई.

SIR को लेकर निर्वाचन आयोग में मतभेद की खबरों के बाद बढ़ा विरोध
दरअसल, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, निर्वाचन आयुक्त एस.एस. संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों के दौरान आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं. इन आपत्तियों में मतदाता सूची, नाम जोड़ने और हटाने, फॉर्म-6 तथा SIR से जुड़े कुछ फैसले शामिल बताए गए हैं. हालांकि, निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि एक बहुसदस्यीय संवैधानिक संस्था में आंतरिक विचार-विमर्श और मतभेद सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं. आयोग की ओर से इन मुद्दों पर स्पष्टीकरण भी दिया गया है.

पार्टी कार्यालय से टावर चौक तक निकला जुलूस
SIR के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने के लिए सोमवार को JMM कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय पहुंचे. यहां से राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद, पूर्व विधायक केदार हाजरा, गिरिडीह की महापौर प्रमिला मेहरा और डिप्टी मेयर सुमित कुमार समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में टावर चौक पहुंचे. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की. टावर चौक पर प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची और चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की. इसके बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया.
SIR के बहाने लोकतंत्र की हत्या की कोशिश
पुतला दहन के बाद JMM जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि SIR के बहाने लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. संजय सिंह ने कहा कि जनता से उसके वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है और संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. उन्होंने निर्वाचन आयोग पर भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि JMM इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है और मतदाता सूची तथा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आंदोलन जारी रहेगा.

निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर पहले भी उठा चुकी है सवाल
JMM की ओर से यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है, जब SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है. इससे पहले JMM के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय भी निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर चुके हैं.
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान कृष्ण मुरारी शर्मा, दारा हाजरा, प्रीति भास्कर, माला देवी, रोकी सिंह और परमिला कुमारी समेत बड़ी संख्या में JMM कार्यकर्ता मौजूद रहे. टावर चौक पर कुछ समय तक राजनीतिक नारों की गूंज सुनाई देती रही. पार्टी ने साफ किया कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा उठाने के लिए उसका विरोध जारी रहेगा.
