RANCHI : झारखंड में पिछले चार दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद अब मौसम धीरे-धीरे साफ होने के आसार हैं. हालांकि पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में आज भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं रांची समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने का अनुमान है. लगातार बारिश से नदियों और डैम का जलस्तर बढ़ गया है, जबकि कई इलाकों में जलजमाव की समस्या बनी हुई है.
झारखंड में मानसून की कमी लगभग पूरी
भादो के अंतिम दिनों में हुई झमाझम बारिश ने झारखंड में मानसून की कमी लगभग पूरी कर दी है. 26 सितंबर तक राज्य में कुल 997.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि मानसून के दौरान सामान्य बारिश का आंकड़ा 999.7 मिमी है. यानी अब राज्य में सामान्य बारिश से महज करीब एक प्रतिशत की कमी रह गई है. मौसम विभाग के अनुसार, सामान्य बारिश से एक प्रतिशत तक कम या अधिक वर्षा को सामान्य बारिश की श्रेणी में रखा जाता है. पिछले पांच वर्षों में यह तीसरी बार है, जब झारखंड में मानसून की बारिश सामान्य के आसपास पहुंची है.
4 जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. वहीं रांची समेत राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम सामान्य रहने और बादल छाए रहने के बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इस दौरान कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा भी चल सकती है. लगातार बारिश के बाद अब राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने के आसार हैं.
बारिश से नदियों और डैम का बढ़ा जलस्तर
बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन के प्रभाव से पिछले चार दिनों से झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश हुई. इसके चलते रांची, जमशेदपुर समेत कई जिलों में नदियों और डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ गया. कई जगह पानी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया, जबकि रांची के गेतलसूद डैम के पांच फाटक खोलने पड़े. लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति भी देखने को मिली है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
रांची में 24.2 मिमी बारिश
शनिवार को रांची में दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच हल्की धूप निकली, लेकिन रुक-रुककर बारिश होती रही. इस दौरान राजधानी में 24.2 मिमी बारिश दर्ज की गई.
अन्य जिलों में दर्ज बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं.
- रांची: 24.2 मिमी
- जमशेदपुर: 1.8 मिमी
- बोकारो: 15 मिमी
- देवघर: 6 मिमी
- बहरागोड़ा: 20 मिमी
- कोडरमा: 13 मिमी
- हजारीबाग: 5 मिमी
पाकुड़ में अब भी 50% की कमी
1 जून से 30 सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून की अवधि मानी जाती है. 26 सितंबर 2026 तक झारखंड में कुल बारिश सामान्य आंकड़े के लगभग बराबर पहुंच चुकी है. राज्य के 11 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है. इनमें रांची, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, लोहरदगा, लातेहार, खूंटी, जामताड़ा और धनबाद शामिल हैं. वहीं पाकुड़ जिले में अब भी बारिश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. यहां सामान्य से करीब 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ी हुई है.
2024 और 2025 में भी सामान्य के आसपास रही बारिश
पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 में झारखंड में 1008 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो सामान्य से करीब एक प्रतिशत कम थी. वहीं 2025 में 1022 मिमी बारिश हुई थी, जो सामान्य से 17 प्रतिशत अधिक रही थी. इस बार सितंबर के अंतिम दिनों में हुई लगातार बारिश ने राज्य में मानसून की कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया है. हालांकि पाकुड़ जैसे जिलों में कम बारिश अब भी चिंता का विषय बनी हुई है. कुल मिलाकर, झारखंड में बारिश का दौर अब कमजोर पड़ने के आसार हैं, लेकिन पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
