RANCHI/NEW DELHI : झारखंड की आदिवासी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति आस्था को देशभर में पहचान दिलाने के उद्देश्य से दिल्ली में करम मिलन समारोह का आयोजन किया जा रहा है. रांची के सांसद सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के दिल्ली स्थित आवास पर 27 सितंबर 2026, रविवार को यह समारोह आयोजित होगा. कार्यक्रम की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. आयोजकों के अनुसार, समारोह में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.
संजय सेठ ने कहा कि करम महोत्सव सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति की पूजा और उसके संरक्षण का संदेश देने वाला बड़ा उत्सव है. झारखंड में आदिवासी समाज सरहुल और करम पूजा के जरिए प्रकृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट करता है. उनका उद्देश्य है कि देश के लोग भी इन पर्वों के महत्व और आदिवासी समाज की परंपराओं को जानें.
जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश देगा करम महोत्सव
संजय सेठ ने कहा कि आज पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से जूझ रही है. ऐसे समय में आदिवासी समाज की जल, जंगल और जमीन को बचाने की परंपरा का महत्व और बढ़ जाता है.
उन्होंने बताया कि करम पूजा में करम डाल को देवता के रूप में पूजने की परंपरा है. इस पर्व में बेटियां अपने भाइयों की सुख-समृद्धि और लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं. करम पर्व प्रकृति के प्रति सम्मान, पारिवारिक प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक है.
उन्होंने कहा कि इसी संदेश को देशभर तक पहुंचाने के उद्देश्य से दिल्ली में करम मिलन समारोह आयोजित किया जा रहा है.
पिछले साल दिल्ली में हुआ था सरहुल महोत्सव
संजय सेठ ने बताया कि पिछले वर्ष दिल्ली में सरहुल महोत्सव का आयोजन किया गया था, जिसमें दो हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था. उसी कड़ी में अब करम पूजा और करम मिलन समारोह के जरिए झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को देश के सामने प्रस्तुत करने की तैयारी है.
उन्होंने बताया कि इस बार रांची, झारखंड और दिल्ली से बड़ी संख्या में लोग समारोह में शामिल होंगे. कार्यक्रम में विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों और समाज के लोगों की भी सहभागिता की उम्मीद है.
ओम बिरला और अर्जुन राम मेघवाल को आमंत्रण
करम मिलन समारोह में शामिल होने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया गया है. वहीं, केंद्रीय कानून एवं संस्कृति मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी संजय सेठ के आवास पहुंचकर अपनी शुभकामनाएं साझा कर चुके हैं.
रांची और झारखंड की केंद्रीय सरना समिति के निर्णय के अनुसार, आदिवासी समाज के लोग भी बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंच रहे हैं.
लोकगीत और झूमर नृत्य से सजेगा समारोह
समारोह में झारखंड के पारंपरिक लोकगीत, झूमर नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहेंगी. इस आयोजन के जरिए आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति से जुड़ाव और परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा.
करम मिलन समारोह का उद्देश्य सिर्फ सांस्कृतिक उत्सव मनाना नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, भाई-बहन के प्रेम और सामाजिक एकजुटता का संदेश देशभर तक पहुंचाना भी है.
करम मिलन समारोह: कार्यक्रम का विवरण
- तारीख: 27 सितंबर 2026, रविवार
- समय: शाम 6 बजे से
- स्थान: 02, जंतर मंतर रोड, नई दिल्ली
- आयोजक: सांसद सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ
- मुख्य आकर्षण: पारंपरिक लोकगीत, झूमर नृत्य और आदिवासी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
संजय सेठ के मुताबिक, करम मिलन समारोह के जरिए झारखंड की उस परंपरा को देश के सामने लाने की कोशिश है, जिसमें प्रकृति की पूजा के साथ जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संदेश निहित
