RANCHI / DHANBAD: डुमरी विधायक जयराम महतो को बरवाअड्डा थाना मामले में कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है. लेकिन जमानत के साथ अदालत ने कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं. धनबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने जयराम महतो समेत चार आरोपियों को अग्रिम जमानत दी है. यह मामला बरवाअड्डा थाना प्रभारी के साथ कथित दुर्व्यवहार, धक्का-मुक्की और एक आरोपी को छुड़ाने की कोशिश से जुड़ा है.

हर तारीख पर कोर्ट में जाना होगा
कोर्ट की सबसे अहम शर्त यह है कि जब तक मामले में आरोप तय नहीं हो जाते, तब तक जयराम महतो समेत आरोपियों को हर तारीख पर खुद अदालत में मौजूद रहना होगा. अगर किसी तारीख पर बिना अनुमति के वे अदालत में नहीं पहुंचते हैं, तो उनकी जमानत रद्द की जा सकती है. यानी जमानत मिलने के बाद भी उन्हें मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में लगातार उपस्थित रहना होगा.
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20 हजार रुपये का बेल बॉन्ड
कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी के लिए 20 हजार रुपये का बेल बॉन्ड जमा करने की शर्त रखी है. इसके अलावा जमानत के लिए दो जमानतदार भी देने होंगे. आदेश के मुताबिक, इनमें एक करीबी रिश्तेदार और दूसरा मामले में पैरवी करने वाला व्यक्ति होगा. अदालत ने आरोपियों से आधार कार्ड और मोबाइल नंबर भी जमा कराने को कहा है. मुकदमा चलने के दौरान अदालत की अनुमति के बिना मोबाइल नंबर बदलने की भी अनुमति नहीं होगी.
शिकायतकर्ता को धमकी नहीं देने की शर्त
कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि आरोपी शिकायतकर्ता और उसके परिवार को किसी तरह की धमकी या परेशानी नहीं देंगे.मामले से जुड़े लोगों पर किसी तरह का दबाव बनाने से भी बचना होगा.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 22 अगस्त 2026 को बरवाअड्डा थाने में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है. पुलिस के मुताबिक, एक मामले में गणेश दास नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार कर थाने में रखा गया था. आरोप है कि इसके बाद जयराम महतो ने थाना प्रभारी से फोन पर बात की और बाद में अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे.
पुलिस का आरोप है कि थाने में इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार हुआ और गिरफ्तार व्यक्ति को छुड़ाने की कोशिश की गई. इसी मामले में जयराम महतो समेत अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. जयराम महतो की ओर से मामले में अलग दलील दी गई थी और इसे राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर भी सवाल उठाए गए थे। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अग्रिम जमानत दी.
जमानत मिली है, केस खत्म नहीं हुआ
जयराम महतो को अग्रिम जमानत मिलने का मतलब है कि फिलहाल उन्हें इस मामले में गिरफ्तारी से राहत मिल गई है. लेकिन मामला अभी खत्म नहीं हुआ है. अदालत में आगे भी सुनवाई होगी और जयराम महतो को कोर्ट की तय शर्तों का पालन करना होगा.अब इस मामले में अगली सुनवाई और आरोप तय होने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी.
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