RANCHI : JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े मामले में जेल में बंद झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं. दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. श्वेता गुप्ता की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने अदालत में पक्ष रखा. अब अदालत के फैसले के बाद यह स्पष्ट होगा कि उन्हें इस मामले में जमानत मिलती है या उनकी न्यायिक हिरासत आगे जारी रहेगी.
CID ने दर्ज किया है कांड संख्या 16/2026
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर CID ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है. इसी मामले की जांच के दौरान CID ने 22 जुलाई को JPSC की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद CID ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की थी. पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया, जहां से वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.
मामले में 20 से ज्यादा गिरफ्तारियां
JPSC परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़े इस मामले की जांच में अब तक 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जांच एजेंसी पूरे मामले में कथित परीक्षा गड़बड़ी की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. श्वेता गुप्ता की गिरफ्तारी भी इसी जांच का हिस्सा है. CID उनसे परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर पूछताछ कर चुकी है.
तबादले के बाद भी JPSC में बनी रहीं
श्वेता गुप्ता को दूसरे विभाग में तबादला किए जाने के बाद भी उनके JPSC में बने रहने को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं. जांच के दौरान एजेंसी ने परीक्षा से जुड़ी उनकी भूमिका और आयोग में उनकी मौजूदगी से संबंधित पहलुओं की भी पड़ताल की है. फिलहाल उनकी जमानत याचिका पर अदालत का फैसला सुरक्षित है. अब सभी की नजर अदालत के फैसले पर है.
