RANCHI : झारखंड भाजपा ने प्रदेश स्तर पर संगठन को लेकर अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं. प्रदेश टीम के गठन के बाद अब पार्टी के विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों को भी सक्रिय किया जा रहा है. इनके अध्यक्ष जल्द ही अपनी-अपनी टीम का विस्तार करेंगे. इसी बीच भाजपा के केंद्रीय संगठन में झारखंड से जुड़ा एक अहम बदलाव भी देखने को मिला है. प्रदेश भाजपा के प्रदीप वर्मा को राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है. अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय नेतृत्व झारखंड संगठन की जिम्मेदारी किस नेता को सौंपता है.
भाजपा की राष्ट्रीय टीम के हालिया गठन के बाद संगठनात्मक स्तर पर राज्यों के लिए जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं. इसी क्रम में झारखंड के लिए किसी राष्ट्रीय महासचिव को संगठन का पालक अधिकारी बनाए जाने की संभावना है.

बंसल और द्विवेदी के नाम पर नजर
झारखंड के नए संगठन प्रभारी के लिए सुनील बंसल और हरीश द्विवेदी के नाम प्रमुख संभावनाओं में बताए जा रहे हैं. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया में सुनील बंसल की भूमिका अहम रही थी. यही वजह है कि झारखंड संगठन की नई जिम्मेदारी को लेकर उनके नाम की चर्चा स्वाभाविक रूप से तेज है.
बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन को भी सुनील बंसल की संगठनात्मक रणनीति की सफलता के तौर पर देखा गया था. ऐसे में झारखंड जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में उन्हें जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना पर भी नजर बनी हुई है.

हालांकि, केंद्रीय नेतृत्व सिर्फ एक संगठन प्रभारी तक सीमित नहीं रहना चाहता. पार्टी की रणनीति के तहत एक अनुभवी नेता को भी झारखंड भेजे जाने की तैयारी है. सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में नामों पर मंथन चल रहा है और सितंबर में ही जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना है.
अगले विधानसभा चुनाव पर रहेगी नजर
झारखंड भाजपा के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी है. राज्य में करीब तीन साल बाद विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में संगठन प्रभारी की भूमिका केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी के लिए एकजुट करना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी. भाजपा झारखंड में लगातार दो चुनावों से सत्ता से बाहर है. ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व किसी ऐसे नेता को जिम्मेदारी देने के पक्ष में है, जिसके पास संगठन को खड़ा करने और चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने का लंबा अनुभव हो.
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इसी कड़ी में मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष बीडी शर्मा का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल है. बीडी शर्मा वर्ष 2014 से झारखंड के विधानसभा चुनावों में भाजपा की चुनावी रणनीति तैयार करने में भूमिका निभाते रहे हैं. उनके इसी अनुभव को देखते हुए संगठन प्रभारी के तौर पर उनके नाम की चर्चा है. इसके अलावा पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से भी किसी अनुभवी नेता को झारखंड संगठन की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है. अब अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व को करना है कि झारखंड भाजपा को आगामी चुनावी चुनौती के लिए किस चेहरे के अनुभव का लाभ दिया जाए.
