झारखंड : सरकारी राशन योजना का गलत तरीके से लाभ उठाने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है.केंद्र सरकार ने राज्य के 6 लाख 29 हजार से अधिक ऐसे राशन कार्डधारियों की पहचान की है, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों के अनुसार राशन पाने के पात्र नहीं हैं. केंद्र ने इन सभी अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड रद्द करने के निर्देश दिए हैं.

केंद्र सरकार ने दी चेतावनी
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि 31 अगस्त तक अपात्र लाभुकों के नाम राशन कार्ड सूची से नहीं हटाए गए, तो झारखंड को मिलने वाले खाद्यान्न के आवंटन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों को 25 अगस्त तक जांच पूरी कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
जांच में सामने आए कई चौंकाने वाले मामले
जांच के दौरान ऐसे कई लोग राशन योजना का लाभ लेते पाए गए, जो इसके लिए पात्र नहीं हैं. इनमें सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता, बड़े कारोबारी, कंपनियों के मालिक और चारपहिया वाहन रखने वाले लोग शामिल हैं. नियमों के अनुसार ऐसे लोग गरीब परिवारों के लिए संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन के हकदार नहीं हैं.
डुप्लीकेट और निष्क्रिय राशन कार्ड भी होंगे रद्द
जांच में बड़ी संख्या में डुप्लीकेट राशन कार्ड भी सामने आए हैं.इसके अलावा ऐसे कार्डधारी भी मिले हैं, जिन्होंने पिछले छह महीने से सरकारी राशन का उठाव नहीं किया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी मामलों में निर्धारित नियमों के तहत राशन कार्ड रद्द किए जाएंगे.
