RANCHI : झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि जेल वार्डरों को राज्य पुलिस के समकक्ष वेतनमान, भोजन भत्ता, वर्दी भत्ता सहित अन्य सभी सुविधाएं दी जाएं.
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न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने यह आदेश याचिकाकर्ता प्रदीप तिर्की और दिलीप कुमार साह की याचिका पर सुनाया.
कोर्ट ने राज्य के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को 8 सप्ताह के भीतर नए झारखंड जेल मैनुअल-2025 के नियमों को लागू करने का औपचारिक आदेश जारी करने को कहा है.
इसके बाद अगले 4 सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ताओं को पुलिस विभाग के समकक्ष वेतनमान, खाद्य भत्ता, वर्दी भत्ता और अन्य परिणामी वित्तीय लाभ देने होंगे.
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील अमृतांश वत्स ने बताया कि झारखंड जेल मैनुअल-2025 लागू हो चुका है.
इसके अध्याय-4 के नियम-11 में साफ लिखा है कि जेल अधिकारियों का वेतन एवं भत्ते राज्य पुलिस विभाग के समकक्ष पदों के बराबर होंगे.
लेकिन सरकार ने अब तक इसे लागू नहीं किया.राज्य सरकार की ओर से भी इस तथ्य का प्रभावी खंडन नहीं किया गया.
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से मांग की थी कि जेल वार्डरों का वेतनमान पुलिस कांस्टेबल, वनरक्षक और अन्य समकक्ष तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के बराबर किया जाए.
उन्होंने कहा कि वर्षों से उनके खाद्य और वर्दी भत्ते में भी संशोधन नहीं हुआ है.कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए उसे निष्पादित कर दिया.
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