BOKARO : झारखंड के बोकारो से एक बड़ा सरकारी घोटाला सामने आया है पुलिस विभाग के वेतन मद से करीब 3 करोड़ 15 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है.
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इस मामले की जांच में अब सीआईडी को कई अहम सुराग मिले हैं. जांच में खुलासा हुआ है कि सरकारी पैसे को फर्जी तरीके से अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया.
बोकारो ट्रेजरी घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे हो रहे हैं.
सीआईडी की शुरुआती जांच के मुताबिक, बोकारो एसपी कार्यालय के अकाउंट्स सेक्शन में कार्यरत अशोक कुमार भंडारी ने करीब 20 महीनों के दौरान पुलिस विभाग के वेतन मद से 3 करोड़ 15 लाख रुपये की निकासी करवाई.
जांच में पता चला कि यह रकम पुलिस सब-इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के नाम पर जारी की जा रही थी. लेकिन जब ट्रेजरी विभाग ने बैंक खाते की जांच की, तो सामने आया कि जिस खाते में पैसा भेजा जा रहा था, वह उपेंद्र सिंह का नहीं था
बताया जा रहा है कि यह बैंक खाता अन्नू पांडेय के नाम पर है, जो सब-इंस्पेक्टर कौशल पांडेय की पत्नी हैं.
सीआईडी के मुताबिक, इस खाते में सरकारी रकम आने के बाद उसका एक बड़ा हिस्सा कौशल पांडेय के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता था.
इसके बाद जांच में यह भी सामने आया कि कौशल पांडेय के खाते से करीब 42 लाख रुपये आरोपी अशोक कुमार भंडारी के अलग-अलग बैंक खातों में भेजे गए.
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे, और सरकारी रकम का इस्तेमाल आखिर कहां किया गया.
फिलहाल सीआईडी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है.
बोकारो ट्रेजरी घोटाले ने सरकारी वित्तीय व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.अब सभी की नजर सीआईडी की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है.
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