RANCHI : रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में महिला कैदी के गर्भवती होने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई.
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सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मेडिकल बोर्ड और न्यायिक जांच की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश की गई.
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई 2026 को तय की है.
यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब होटवार जेल की एक महिला बंदी के गर्भवती होने की जानकारी सामने आई थी.
आरोप लगाया गया कि जेल अधीक्षक ने महिला बंदी का यौन शोषण किया, जिसके कारण वह गर्भवती हुई. आरोपों में यह भी कहा गया कि बाद में भ्रूण गिराने का प्रयास किया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने 22 मई 2026 को स्वत: संज्ञान लिया था. अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था.
साथ ही राज्य के डीजीपी को शपथपत्र दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया गया था कि मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए क्या कदम उठाए गए हैं.
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन की भूमिका पर भी चिंता जताई थी. अदालत ने कहा था कि जेल में बंद कैदियों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण की पूरी जिम्मेदारी जेल प्रशासन की होती है.
अब मेडिकल बोर्ड और न्यायिक जांच रिपोर्ट अदालत में पेश होने के बाद मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी. इस दौरान हाईकोर्ट जांच की प्रगति और आगे की कार्रवाई की समीक्षा करेगा.
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