RANCHI : झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद के पांच बालू घाटों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है.
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अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि गॉडफैम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड को जमा की गई टेंडर राशि 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ वापस की जाए.
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान सरकार की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की.
कोर्ट ने कहा कि सरकार किसी कंपनी से बड़ी रकम वसूलने के बाद उसे खनन कार्य करने से नहीं रोक सकती और न ही उसकी राशि अपने पास रख सकती है.
मामला धनबाद के पांच बालू घाटों के खनन पट्टे से जुड़ा है. अदालत ने कहा कि जब वर्ष 2011 में लीज दी गई थी, तब पर्यावरण स्वीकृति की शर्त लागू नहीं थी.
बाद में सरकार ने नई शर्त जोड़ दी, जिसके कारण कंपनी खनन कार्य नहीं कर सकी.हाईकोर्ट ने माना कि नीतिगत बदलाव का पूरा आर्थिक बोझ कंपनी पर नहीं डाला जा सकता.
अदालत ने कहा कि कंपनी ने 15 अक्टूबर 2012 को घाट सरेंडर किया था, इसलिए उसी तारीख से वास्तविक भुगतान होने तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि लौटाई जाए.
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