Nakib Ziya
GUMLA : झारखंड के गुमला जिले में इन दिनों गैस संकट ने आम जनजीवन के साथ-साथ शादी-ब्याह की तैयारियों को भी बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. हालात ऐसे हो गए हैं कि अब शादी से पहले पंडित, बैंड-बाजा और कैटरिंग से ज्यादा चिंता इस बात की हो रही है कि खाना बनेगा कैसे.
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इसी बीच एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दूल्हे को अपनी शादी के लिए थाना में आवेदन देना पड़ा. दरअसल, दुंदुरिया गांव के रहने वाले अरुण लकड़ा की शादी 24 अप्रैल को तय है. लेकिन एलपीजी गैस की किल्लत के कारण उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती खाना बनाने की खड़ी हो गई.
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अरुण को थाना प्रभारी को आवेदन देकर जंगल से लकड़ी लाने की अनुमति मांगनी पड़ी. आवेदन में उन्होंने लिखा कि शादी के आयोजन के लिए चूल्हा जलाने हेतु लकड़ी की आवश्यकता है, इसलिए उन्हें अनुमति दी जाए.
बदली शादी की परंपरा
एक समय था जब गांवों में लकड़ी के चूल्हों पर ही शादी का खाना बनता था. बाद में एलपीजी गैस आने से यह परंपरा बदल गई. लेकिन अब गैस संकट के कारण लोग फिर से पुराने तरीके अपनाने को मजबूर हो रहे हैं.
नियम भी बने परेशानी
जंगल से लकड़ी काटना नियमों के तहत प्रतिबंधित है. ऐसे में लोगों को प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ रही है. इस कारण अब शादी की तैयारियों में एक नया चरण जुड़ गया है—‘परमिट लेना’.
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अनोखा विरोध
गैस संकट के खिलाफ लोगों का गुस्सा भी अलग अंदाज में सामने आ रहा है. मिशन चौक पर मंटू गुप्ता नाम के एक युवक ने गैस सिलेंडर के ऊपर तख्ती लगाकर लिखा—“कब आओगे तुम?”—और उसे सड़क पर रखकर विरोध जताया. यह अनोखा प्रदर्शन लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
व्यापारियों की चिंता
चेंबर ऑफ कॉमर्स के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने बताया कि एलपीजी सप्लाई में लगातार गड़बड़ी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी शादी वाले घरों को हो रही है. उन्होंने कहा कि अगर जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो शादी-ब्याह के आयोजन और भी प्रभावित हो सकते हैं.
गुमला में गैस संकट ने शादी की पूरी व्यवस्था को बदल कर रख दिया है. हालात ऐसे बन गए हैं कि अब शादी के कार्ड पर यह लिखना पड़ सकता है
“आप सपरिवार आमंत्रित हैं… भोजन की व्यवस्था गैस आने पर निर्भर है.”
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