Aanchal
RANCHI : राज्य में पिछले कुछ समय से रसोई गैस की भारी किल्लत देखी जा रही है, जिससे आम जनता को खाना बनाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस समस्या को देखते हुए झारखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सरकार ने राज्य के लगभग 71.65 लाख परिवारों को राहत देने के लिए हर महीने एक लीटर अतिरिक्त केरोसिन (मिट्टी का तेल) देने का निर्णय लिया है.
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कुल 9.72 लाख लीटर केरोसिन का आवंटन
यह योजना शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के राशन कार्ड धारकों के लिए लागू होगी. गौर करने वाली बात यह है कि यह अतिरिक्त केरोसिन पीडीएस (जन वितरण प्रणाली) दुकानों पर “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर मिलेगा. राज्य सरकार ने इसके लिए कुल 9.72 लाख लीटर केरोसिन का आवंटन कर दिया है, जो कि कार्ड धारकों को मिलने वाले नियमित राशन के अलावा होगा. इस पहल का मुख्य उद्देश्य रसोई गैस की कमी के दौरान गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को एक वैकल्पिक ईंधन प्रदान करना है ताकि उनके घर का चूल्हा जलता रहे.
केवल ईंधन के रूप में प्रयोग
प्रशासनिक स्तर पर इस वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं. सभी जिलों के डीसी (जिलाधिकारियों) को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि केरोसिन का उठाव और वितरण समय पर हो. सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस केरोसिन का उपयोग केवल खाना बनाने और रोशनी (दीपक या लालटेन) के लिए किया जाना चाहिए. अधिकारियों को विशेष रूप से निगरानी रखने को कहा गया है ताकि इस केरोसिन की मिलावट पेट्रोल या डीजल में न की जा सके.
उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में विशेष शिविर
उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में वितरण के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे ताकि वहां के लोगों को भी इसका लाभ मिल सके. आंकड़ों के अनुसार, रांची में सबसे अधिक 84,110 लीटर और धनबाद में 70,640 लीटर तेल का आवंटन किया गया है. उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जो नियमित रूप से राशन दुकानों से जुड़े हुए हैं, जिससे समाज के सबसे निचले तबके तक मदद पहुंच सके.
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