RANCHI : आदिवासी समाज की बेटियां एक बार फिर अपनी प्रतिभा और जज़्बे से इतिहास रचने की ओर बढ़ रही हैं. दुमका की अंजू टुडू (68 किलोग्राम) और कोमल मरांडी (62 किलोग्राम) खेलो इंडिया ट्रैवल्स गेम के तहत छत्तीसगढ़ में 28 से 31 मार्च तक आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी.
यह पूरे जिले और राज्य के लिए गर्व का विषय है कि आदिवासी समाज की ये बेटियां राष्ट्रीय मंच पर अपने हुनर का प्रदर्शन करने जा रही हैं. छोटे से जिले दुमका से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचना उनकी कड़ी मेहनत, लगन और संघर्ष का परिणाम है.
आदिवासी बेटियों से पदक की उम्मीद, कोचों की मेहनत लाई रंग
कुश्ती संघ के अध्यक्ष डॉ. तुषार ज्योति ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कोच अफरीद खान और फरीद खान को विशेष बधाई दी. उन्होंने कहा कि कोचों के मार्गदर्शन और समर्पण ने ही इन बेटियों को इस स्तर तक पहुंचाया है. वहीं, कुश्ती संघ के सचिव संदीप जय बम बम ने उम्मीद जताई कि दोनों खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड के लिए पदक जीतेंगी और राज्य का नाम रोशन करेंगी.
ये दोनों आदिवासी बेटियां आज न केवल अपने जिले, बल्कि पूरे झारखंड और आदिवासी समाज की उम्मीदों का प्रतीक बन चुकी हैं. अब सभी की नजरें इनके प्रदर्शन पर टिकी हैं, जो अपने दमखम से राज्य को गौरवान्वित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
