GARHWA : शिक्षक को शिक्षा के मंदिर का पवित्र पुजारी कहा जाता है. क्या हो यदि शिक्षक ही विद्यालय में अनैतिक कृत्यों में लिप्त पाए जाने लगें. गुरु-शिष्य परंपरा में गुरुओं का जो सम्मान है वह खत्म हो जाएगा. शिक्षकों से सदैव नैतिकता के साथ मर्यादा में रहने की अपेक्षा की जाती है. परन्तु आज-कल मर्यादा खत्म होती दिख रही है.
अब अक्सर देखा जा रहा है कि पर्व त्योहारों में स्कूलों में डीजे की थाप पर अश्लील गीतों पर छात्रों के साथ शिक्षक भी ठुमके लगा रहे हैं. जनवरी माह में सरस्वती पूजा के विसर्जन पर कसमार के एक स्कूल में शिक्षकों ने कथित अश्लील गीत पर छात्रों के साथ ठुमके लगाए थे, जिस पर उन शिक्षकों को शो कॉज किया गया था.
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फेयरवेल प्रोग्राम में जमकर लगे ठुमके
अब ऐसा ही एक मामला सामने आया है. मामला गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड के सोहबरिया स्थित एक सरकारी स्कूल का है. यहां कक्षा 8 के छात्रों के फेयरवेल प्रोग्राम में जमकर ठुमके लगे हैं. स्कूल परिसर में डीजे की बीट पर कथित अश्लील गीत पर स्कूल के हेडमास्टर ने न केवल ठुमका लगाया बल्कि एक छात्रा को गोद में भी उठा लिया. सोशल मीडिया में इसका वीडियो भी सामने आया है. विभाग ने इस वीडियो के आधार पर एक्शन लिया है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं.
हेडमास्टर और 2 शिक्षकों पर गाज
प्रारंभिक जांच में तथ्यों की पुष्टि होने पर विभाग ने हेडमास्टर कुंदन कुमार रंजन को निलंबित कर दिया है. साथ ही दो सहायक शिक्षक पुरुषोत्तम पंडित और सुबेश्वर राम के खिलाफ ‘झारखंड सहायक अध्यापक सेवा शर्त नियमावली, 2021’ के तहत सेवा समाप्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.
जीरो टॉलरेंस की नीति
विभाग इस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है. इस बात की पड़ताल की जा रही है कार्यक्रम के लिए कोई आधिकारिक अनुमति ली गई थी या नहीं? क्या कार्यक्रम में बाहर के लोगों की भी सहभागिता थी? विभाग ने स्पष्ट कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी. इसके साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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