रांची: राजधानी रांची में अतिक्रमण और अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई सरकारी जमीनों का इस्तेमाल अब सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के लिए किए जाने की योजना है. रांची नगर निगम का कहना है कि हाल के महीनों में चलाए गए अभियान के दौरान कई स्थानों पर निगम की जमीनों की पहचान की गई है और उन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है.

नगर निगम के अनुसार शहर के विभिन्न इलाकों में करीब 61 स्थलों को चिन्हित किया गया है. इनमें निगम की स्वामित्व वाली भूमि के अलावा गिफ्ट डीड के माध्यम से प्राप्त जमीनें भी शामिल हैं. इन जमीनों को सुरक्षित रखने के लिए कई स्थानों पर बाउंड्री वॉल निर्माण का काम भी शुरू किया गया है.
खाली कराई गई जमीनों का कैसे होगा उपयोग ?
नगर निगम का कहना है कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीनों का उपयोग नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाएगा. इनमें पार्क, वेंडर्स मार्केट और अन्य सार्वजनिक उपयोग की परियोजनाएं शामिल हैं.
नगर आयुक्त सुशांत गौरव के मुताबिक, जमीनों की पहचान और संरक्षण केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि शहर के दीर्घकालिक विकास से जुड़ा कदम है. उनका कहना है कि इन स्थानों का उपयोग लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाएगा.
बच्चों और महिलाओं के लिए पार्क विकसित करने की योजना
नगर निगम कई खाली कराई गई जमीनों पर पार्क विकसित करने की योजना बना रहा है। प्रस्तावित पार्कों में बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, झूले और ओपन प्ले एरिया बनाए जा सकते हैं.
इसके अलावा महिलाओं और बुजुर्गों के लिए वॉकिंग ट्रैक, बैठने की व्यवस्था और हरित क्षेत्र विकसित करने की भी योजना है. निगम का कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच सार्वजनिक खुले स्थानों की जरूरत बढ़ रही है.
वेंडर्स मार्केट से कम हो सकता है अतिक्रमण
नगर निगम का मानना है कि शहर में ट्रैफिक जाम और फुटपाथों पर बढ़ते अतिक्रमण की समस्या को कम करने के लिए व्यवस्थित वेंडर्स मार्केट विकसित करना जरूरी है.
इसी उद्देश्य से मेन रोड, डोरंडा और दीपाटोली जैसे इलाकों में वेंडर्स मार्केट विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया गया है। मेन रोड क्षेत्र में एक आधुनिक मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है.
अधिकारियों का कहना है कि इन बाजारों के बनने के बाद फुटपाथ दुकानदारों को निर्धारित स्थान उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है.
शहर के विकास से जुड़ी चुनौती
रांची में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है. कई परियोजनाएं भूमि विवाद और अतिक्रमण के कारण प्रभावित होती रही हैं.
नगर निगम का कहना है कि जमीनों की पहचान, रिकवरी और संरक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. अधिकारियों के मुताबिक, यदि प्रस्तावित योजनाएं जमीन पर उतरती हैं तो इससे शहर में सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार होगा और कई इलाकों की तस्वीर बदल सकती है.
फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर है कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीनों पर प्रस्तावित परियोजनाएं कितनी तेजी से शुरू होती हैं और उनका लाभ आम नागरिकों तक कब पहुंचता है.
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